योगी के फरमान का नहीं कोई असर, 8 दिनों से बिजली के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे ग्रामीण

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प्रतापगढ़ ब्यूरो : जनपद प्रतापगढ़ में प्रशासन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आदेश रद्दी की टोकरी में डाल दिया है, मामला विकासखंड मानधाता के सराय हरनारायण एवं सराय मेदी राय का है | इस ग्राम सभा में दो राजस्व गांव हैं | लगभग 8 दिन पहले 63 केवीए का ट्रांसफार्मर जल गया था उसको बदलने के लिए ग्रामीण चक्कर काट रहे हैं | आपको बता दें यह गाँव क्षेत्रीय विधायक आर. के. पटेल का प्रिय गांव है, इस गांव में सबसे ज्यादा पटेल बिरादरी के लोग ही निवास करते हैं | अतः इस मामले में ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है |

गौतलब है कि इस गांव में 1987 में बिजली आई 25 केवीए ट्रांसफार्मर लगा गांव में बिजली चलती रही पूर्व प्रधान अयोध्या प्रसाद पटेल के द्वारा 25 केवी के स्थान पर 63 केवी का ट्रांसफार्मर लगवाया गया जबकि इसी ट्रांसफार्मर से दोनों राजस्व गांव में बिजली सप्लाई की जाती है, इसके अलावा इसी ट्रांसफार्मर से राइस मिल का औद्योगिक कनेक्शन भी चलता है | ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के लल्लू सिंह का बेटा डब्बू सिंह ट्रांसफार्मर के पास हमेशा छेड़छाड़ करते रहते हैं, क्योंकि उनको अपना कारखाना चलाना है | वही गांव के अजय कुमार पटेल का कहना है कि हम लोग क्षेत्रीय विधायक डॉक्टर आर. के. वर्मा से ट्रांसफार्मर बदलने के लिए तथा इसकी क्षमता को बढ़ाने के लिए कई बार कह चुके हैं, परंतु उन्होंने मामले को अनसुना कर दिया है जब यह ट्रांसफार्मर जल गया तो विधायक को कई बार फोन करने का प्रयास किया गया परंतु विधायक जी फोन उठाना मुनासिब नहीं समझते गांव के लोगों का गुस्सा विधायक जी के प्रति सातवें आसमान पर देखने को मिला वही गांव में आकर सराय भीमसेन पावर हाउस के विद्युत विभाग के जेई एस. के. सिंह तथा एस. डी. ओ. गांव में एक चाय की दुकान पर बैठे हैं इनकी मनसा यह है कि ट्रांसफार्मर लगा दिया जाए परंतु लोगों का यह आरोप है कि जब हमने चंदा लगाकर ट्रांसफार्मर लाने में 3200 खर्च किए हैं और हमारे लोगों के द्वारा राइस मिल संचालक लल्लू सिंह एवं उनके बेटे डब्बू सिंह से चंदा नहीं लिया गया है, तथा उन्होंने ट्रांसफार्मर लाने में कोई मदद नहीं की गयी है अतः उनका कनेक्शन कारखाने के लिये अलग होना चाहिये |

बताने के अनुसार ट्रांसफार्मर 23 किलो वाट का है परंतु ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग 30-32 किलो वाट बिजली वह स्वयं खर्च करते हैं, बिजली की हालत यह है की CFL, बिजली के बल्ब, TV, रोशनी, पानी, मोबाइल चार्ज भी इस गर्मी में नहीं चल रहा है तो हम लोग चंदा भी दे बिजली विभाग कोई सपोर्ट नहीं करता है जबकि ग्रामीणों का कहना है योगी सरकार का आदेश है कि 48 घंटे के भीतर जला हुआ ट्रांसफार्मर गांव में बदला जाएगा ग्रामीण केवल इसकी सूचना विभाग को देंगे बिजली विभाग स्वयं ट्रांसफार्मर लगाएगा लेकिन जरा सोचिए और देखिए योगी सरकार को ठेकेदार बिजली विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा लगभग 8 दिन से जला हुआ ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया तो ग्रामीणों ने घर-घर जाकर चंदा माँगा, ट्रांसफार्मर को बिजली विभाग के संविदा लाइनमैन से उतरवाकर स्टोर ले गए किराया भाड़ा पल्लेदारी दिया, बाद में ट्रांसफार्मर लाए |

बिजली विभाग का यह कारनामा ग्राम प्रधान चंचल सिंह के द्वारा अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड-द्वितीय को एक पत्र के माध्यम से अवगत भी कराया जा चुका है कि मेरे गांव की जनता बिजली के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है यहां पर तत्काल 63 केवीए का एक ट्रांसफार्मर जल्द ही लगाया जाए नहीं तो गांव की जनता अपना आपा खो बैठेगी | गाँव की जनता ने एक वीडियो बयान के माध्यम से अखंड भारत न्यूज़ के पत्रकार अवनीश कुमार मिश्रा को घटनास्थल पर बुलाकर सारी हकीकत बयां की | योगी सरकार क्षेत्रीय विधायक और बिजली विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी के प्रति ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है | इस मौके पर अंजनी तिवारी पूर्व विहिप नेता, बाबू पांडे, अजय कुमार पटेल, राहुल सोनी, जितेंद्र पटेल, पवन पटेल, नवाब अली, डब्बू यादव, अनिल यादव, मुन्ना यादव, अमृतलाल पटेल, रणजीत पटेल, महावीर, लालता प्रसाद, रामबहादुर, लाल बहादुर सिंह, अमृतलाल प्रजापति, शिवराम पटेल, महारानी दीन आदि लगभग 300 लोगों की संख्या में लोगों ने अपना विरोध व्यक्त किया | लोगों ने कहा जब तक दूसरा 63 केवी का ट्रांसफार्मर नहीं लग जाता तब तक हम लोग राइस मिल संचालक की लाइन नहीं जोड़ने देंगे चाहे 20 दिन तक यह ट्रांसफार्मर गांव में रखा रहे |

रिपोर्ट : अवनीश कुमार मिश्रा

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