जल बिना कल संभव नहीं : सीडीओ

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बदायूँ (ब्यूरो) जल प्रकृति का वह अनुपम उपहार है, जिसके बिना जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। भूगर्भ जल सप्ताह मनाया गया, भूजल संरक्षण को अपनी दैनिक दिनचर्या में एक नागरिक सामान्य रूप से कुछ सावधानियों को बरतने एवं कृषक अपने खेतों में तथा सार्वजनिक स्थानों पर भी कुछ विशेष बातों पर ध्यान रखकर बहुत आसानी से किया जा सकता है।

शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी/प्रभारी जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित सभागार में बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि हम सभी लोगों को बरसात का पानी इकट्ठा करना चाहिए, जिससे हमारी पृथ्वी का जल स्तर उठने से पानी की समस्या कम हो सकेगी। उन्होंने कहा कि सभी शासकीय कार्यालय, अर्द्धशासकीय तथा प्राइवेट कार्यालयों में वाटर रिचार्जिंग सिस्टम बनवाया जाए। समस्त ब्लाकों, तहसीलों, विकास भवन तथा कलेक्ट्रेट में भी यह सिस्टम लगवाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि भूजल संरक्षण विभाग की ओर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती वर्ष मनाया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में अपना स्टाल लगाकर लोगों को पानी बचाव के सम्बंध में जागरुक करें और समस्त प्रधानों को अवश्य पत्र भेजकर जल संरक्षण के सम्बंध में जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि पानी की समस्या से निपटने के लिए अनाश्यक पानी का व्यय न करें। जितनी आवश्यकता हो, उतना ही पानी खर्च किया जाए। किसानों को जल संरक्षण के लिए अपने खेतों में छोटी-छोटी क्यारियाँ बनाकर सिंचाई करनी चाहिए, जिससे पानी बचाया जा सके। पानी की बर्बादी रोकें और अनावश्यक भूगर्भ जल दोहन को नियंत्रित करें तथा भावी जल निधि के बारिश के पानी को संचित कर भूजल स्रोतों को बचाया जा सके।

इस अवसर पर पंचायत राज अधिकारी शशिकांत शर्मा, पीडी परियोजना निदेशक विजय कुमार श्रीवास्तव, लघु सिंचाई सहायक अभियन्ता वीर पाल सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

रिपोर्ट-सोनू यादव

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