नयी सरकार के फरमानों का विद्यालयों पर कोई असर नहीं, स्कूलों की हालत जस की तस

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चकलवशी (उन्नाव ब्यूरो) : परिषदीय विद्यालयों के लिए शासन स्तर पर कितने भी दिशानिर्देश दिये जाएँ कि साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिया जाए, नौनिहाल बच्चों को अच्छी शिक्षा दी जाये, मिड डे मील गुणवत्ता युक्त हो लेकिन इस बात का कोई असर नहीं हो रहा है |


आज भी इन विद्यालयों में आने वाले बच्चों को वह शिक्षा नहीं मिल रही है, जिसका दावा शिक्षा विभाग करता है मिड डे मील से लेकर साफ-सफाई पर चकलवंशी से मियांगज ब्लाक के विद्यालयों की एक रिपोर्ट शिक्षा विभाग की पोल खोल रहा है |


प्राथमिक विद्यालय हंसा खेडा में पंजीकृत छात्रों की संख्या 52 है लेकिन उपस्थित 25 इन बच्चों को शिक्षित करने के लिए तीन शिक्षक हैं, लेकिन सहायक शिक्षक भूपेंद्र वर्मा हमेशा विद्यालय से अनुपस्थिति रहते हैं | रसोई घर में मिड डे मील चूल्हे पर बन रहा है, उपयोग किये जाने वाले मसाला तेल मानक विहीन हैं, शौचालय प्रयोग लायक नहीं है। प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर कला द्वितीय यहां पर गन्दगी का अम्बार लगा हुआ है, शौचालय बेकार पडे हुए हैं यहाँ पंजीकृत 34 छात्रों मे 13 बच्चे उपस्थित थे |

प्राथमिक विद्यालय कूरेमऊ का हाल कमोवेश वही है, विद्यालय परिसर में गन्दगी व्याप्त है, प्राथमिक विद्यालय करहया की चाहर दीवारी तक नहीं बनी है, बच्चों के पानी पीने के लिए लगे हैंडपंप के पास गन्दगी है |

प्राथमिक विद्यालय लच्छा खेड़ा व इसी परिसर में जूनियर विद्यालय की चाहर दीवारी तक नहीं है | बच्चों के पानी पीने के लिए लगे दो हैंडपंप शो पीस बने हुए हैं, रसोई घर के बाहर कुत्ता बैठा हुआ था खाना चूल्हे पर पकाया जा रहा है, तेल मसाले गुणवत्ता युक्त नहीं है बच्चे बाहर खेल रहे हैं और शिक्षक एक पास बैठ कर बतिया रहे हैं यही हाल कमोबेश इन परिषदीय विद्यालयों का है, जहां शिक्षक अपना दायित्व नहीं निभाते वह तो समय काटने के लिए आते हैं |

रिपोर्ट – अशोक दुबे

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