ये कैसा विकास, हजारों करोड़ों की योजनायें, और गाँव में ना बिजली, ना सड़क, ना शौचालय

कन्नौज (ब्यूरो) एक तरफ तो केंद्र और प्रदेश सरकार में बड़े बड़े दावे, दूसरी तरफ एक ऐसा गांव जो आजादी के बाद से आज तक विकास की रौशनी से कोसो दूर है। यह गांव कहीं और नही पिछली सरकार के घोषित वीआईपी जिले कन्नौज में है। कन्नौज के तालग्राम ब्लॉक में एक ऐसा गांव है, जहां आज भी न तो बिजली पहुंची है, न तो वहां सड़के हैं और न वहां कोई स्कूल है और तो और प्रधानमंत्री के के द्वारा चलाई गयी स्वच्छता अभियान की बयार भी अभी इस गाँव तक नहीं पहुंची है |

 

कन्नौज के तालग्राम विकास खण्ड के डम्बरपुरवा ग्राम सभा का कोटिया गांव यादव बाहुल्य है, इस गांव की आबादी तकरीबन दो हजार है, यह गांव आजादी से पहले बसा था। आजादी के 7 दशक पूरे होने को हैं, लेकिन आज तक इस गांव की तकदीर नही बदली है फिर चाहे सरकार किसी की भी रही हो | बिजली का सुख क्या होता है, यहांरहने वाले ग्रामीण आज तक नहीं जानते। अपनी मेहनत से यहां के ग्रामीणों ने पक्के घर तो बनवा लिए हैं, लेकिन उन घरों में महिलाएं बच्चों को लेकर दिन भर हाथ वाले पंखे से हवा देती रहती हैं।

इतना ही प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पूरे देश में चलाये जा रहे स्वच्छता अभियान की किरण भी इस गाँव तक नहीं पहुंची है और आज तक पूरा गाँव खुले में ही शौंच जाने को मजबूर है, गाँव में सड़क के नाम पर सिर्फ एक जर्जर खडंजा है जो कि ५ साल पहले बना था |

गौरतलब है कि यह वही कन्नौज है जिसे पिछली उत्तरप्रदेश सरकार ने वीआईपी जिला बताया था और यहाँ से सांसद भी कोई और नहीं बल्कि यादव परिवार की बहू और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की धर्मपत्नी डिंपल यादव हैं | अब ऐसे में अखिलेश सरकार के वीआईपी जिले की परिभाषा समझ पाना मुश्किल है |

इस गाँव के विकास की तस्वीर को लेकर जब जिला विकास अधिकारी से बात की गयी, तो विकास अधिकारी उदयराज यादव ने बताया कि शौचालय निर्माण कार्य चल रहा है और इस गाँव में भी जल्द ही शौचालय बन जायेंगे |

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