नई रेल लाइन परियोजना पर नहीं हुआ काम

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कोंच(जालौन) : कोंच-दिबियापुर रेल लाइन परियोजना लंबा अंतराल बीत जाने के बाद भी स्वीकृत नहीं हो सकी, परियोजना का कवायद सिर्फ सर्वे तक ही सीमित रही। कपास उत्पादन की अंतर्राष्ट्रीय मंडी होने के कारण अंग्रेजों ने नगर को एट कोंच रेल लाइन से वर्ष 1901 में जोड़ा था। इस रेल लाइन को आगे ले जाने के उद्देश्य से अंग्रेजी सरकार ने कोंच दिबियापुर रेल लाइन परियोजना बनायी थी।

1901 कोंच गजेटियर में इस परियोजना का उल्लेख भी किया गया है। अंग्रेजों की सोच थी कि नगर को दोनों ही ओर से रेल लाइनों से जोड़ जाये। नगर में स्टेशन बन जाने के बाद जब आगे लाइन डालने की प्रक्रिया प्रारंभ हुयी तभी प्रथम विश्वयुद्ध का शंखनाद हो गया। अंग्रेज इस विश्व युद्ध सन 1918 में उलझ गये। परियोजना का कार्य शुरू होते ही रोक देना पड़ा। प्रथम विश्व युद्ध से निपटने के बाद जब अंग्रेज फ्री हुए तो एक बार फिर दिबियापुर रेल पथ परियोजना का खाका तैयार होने लगा। इसे दुर्भाग्य ही कहा जायेगा कि विश्व फिर द्वितीय विश्व युद्ध 1939-1945) में उलझ गया। एक बार फिर यह रेल पथ योजना अधर में लटक गयी।

1945 में जब द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हुआ तो देश में चल रही स्वाधीनता आंदोलन तेज हो गया। 15 अगस्त 1947 में देश स्वतंत्र हुआ तो देश की पहली लोकतांत्रिक सरकार के 1952 के रेल मंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने कोंच दिबियापुर रेल पथ योजना को गंभीरता से लिया। उन्होंने नगर का दौरा भी किया परंतु उनकी असमय मृत्यु ने इस परियोजना को पंख नहीं लगने दिये। एक बार फिर यह परियोजना शुरू नहीं की जा सकी। वर्ष 1980 में जब जनता पार्टी की सरकार बने तो तत्कालीन सांसद रामचरन दोहरे ने प्रयास कर कोंच-दिबियापुर रेल पथ का सर्वे करवाया। परंतु ग्राम भेंड़ के स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के कारण परियोजना सर्वे का कार्य अधूरा ही छोड़ दिया गया। पांच वर्ष पूर्व तत्कालीन संसद घनश्याम अनुरागी ने इस परियोजना की पहल की तो कोंच-फफूंद का नया नाम मिला और सर्वे का कार्य पूरा किया गया। परंतु निर्माण कार्य के लिए बजट फिर भी नहीं दिया जा सका। नगर की जनता आज भी इस रेलपथ परियोजना का इंतजार कर रही है। समाजसेवी सुनील लोहिया कई बार प्रयास भी कर चुके हैं। उन्होंने दिल्ली तक दौड़ लगाकर रेल मंत्री सुरेश प्रभु से मुलाकात कर योजना को धनराशि दिलवाने की मांग भी की है।

क्या कहते है नेता भानु प्रताप वर्मा सांसद

कोंच-फफूंद रेल लाइन निर्माण के लिए प्रयास किया जायेगा। फिलहाल कोंच लहार ¨भड रेल पथ निर्माण के लिए मंजूरी गत वर्ष ही दे दी गयी। इसके लिए आधी-आधी धनराशि केंद्र एवं राज्य सरकारों को दी जानी हैं। राज्य सरकार यदि पैसा दे दें तो कार्य भी शुरू हो जायेगा।

रिपोर्ट – ऋषि झा

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