सिर्फ ऑनलाइन ही नहीं अब खुदरा विक्रेता भी दे रहे भारी डिस्काउंट

0
107

बिहार: ऑनलाइन विक्रेताओं के बाद, ऑफ़लाइन खुदरा विक्रेताओं ने 1 जुलाई से सामान और सेवा कर (जीएसटी) के रोलआउट से पहले अपने स्टॉक को खत्म करने के लिए भारी डिस्काउंट के साथ बिक्री शुरू की है| श्रेणियां है – परिधान, जूते, इलेक्ट्रॉनिक सामान, मोबाइल सामान, प्रीमियम घड़ियां, महिला हैंडबैग , चमड़े के उत्पादों, स्वास्थ्य और सौंदर्य उत्पादों, ऑनलाइन और ऑफलाइन खुदरा विक्रेताओ के लिए अब एक ही रास्ता बचा है, वो है पुराने स्टॉक को साफ़ करना, क्योंकि कुछ समय के लिए नई प्रणाली विक्रेताओ को मुश्किल में डाल सकती है|

कई खुदरा विक्रेताओं का मानना है कि पुराने स्टॉक को बेचने में 1 जुलाई के बाद कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है| खुदरा विक्रेताओं के लिए कर की दरें घटने-बढ़ने की संभावना है और मौजूदा शेयरों पर कीमतें बढ़ाना मुश्किल होगा| रेडीमेड कपड़ों पर 1 जुलाई को 5 फीसदी का टैक्स लगाया जाएगा, जबकि 1000 रुपये से ज्यादा की कीमत वाले कपड़े 12 फीसदी का टैक्स आकर्षित करेंगे| वर्तमान में रेडीमेड कपड़ों पर 7% पर लगाया जाता है| अभी मौजूदा कर दर 5.5% वैट और 1.2% उत्पाद शुल्क है, हालांकि, वह भी अलग- अलग राज्यों में अलग है इसलिए वर्तमान 7% कर से, जीएसटी लागू होने पर यह 12% तक बढ़ने वाला है – एक कारण यह भी है कि खुदरा विक्रेता मौजूदा स्टॉक को साफ़ करने का प्रयास कर रहे हैं|

वर्तमान में, 500 रुपए से कम के फुटवियर पर 9.5% की कर होती हैं, जबकि 500 से 1000 रुपये के बीच चमड़े से बने फुटवियर पर 23.1% कर लगाया जाता है और इससे अधिक महंगे फुटवियर पर 29.58% कर लगाया जाता है| जीएसटी के बाद 500 रूपए से नीचे के जूते पर 5% कर लगाया जाएगा, और शेष पर 18% कर होगा| मल्टी-ब्रैंड रिटेल आउटलेट जैसे लाइफस्टाइल और शॉपर्स स्टॉप के अलावा जरा, मार्क्स और स्पेंसर जैसे लोकप्रिय ब्रांड पहले से ही बिक्री शुरू कर चुके हैं, वर्तमान में विभिन्न चुनिंदा उत्पादों पर 20% -30% छूट दे रहे हैं| इस माह के अंत में छूट के अलावा अन्य श्रेणियों के साथ-साथ 70% -80% की वृद्धि की उम्मीद है|

रिपोर्ट- आशुतोष कुमार सिंह 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here