मोदी सरकार ने एक साथ ख़रीदी 777 तोपें , भारत-चीन सीमा पर होगी तैनाती

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नई दिल्ली : बोफोर्स सौदे के तकरीबन 3 दशक के बाद पहली बार भारतीय सेना को नई तोपें मिलने जा रही है | प्राप्त जानकारी के आधार पर आपको बता दें कि सेना में इसी हफ्ते 145 एमएम की 777 तोपें शामिल होने जा रही है | इन सभी तोपों को चीन से सटी हुई सीमा पर तैनात करने का इरादा है |

बता दें इस योजना के पहले चरण के तहत अमेरिका से बुधवार को 2 अल्ट्रा लाइट होवित्जर तोपें भारत लायी गयी है और इन्हें जल्द ही राजस्थान के पोखरण में परीक्षण के लिए भेजा जाएगा | यदि सब कुछ अनुकूल रहता है तो जल्द ही इन दोनों तोपों को सेना में शामिल कर लिया जाएगा |

मीडिया में आई रिपोर्ट्स के हवाले से बताया जा रहा है कि इस साल सितम्बर के अंत तक 3 और इन्ही तोपों को भारत लाया जाएगा और उन्हें परीक्षाण करने के बाद सीमा पर तैनात कर दिया जाएगा | इसके अलावा आपको यह भी बता देते है कि मार्च 2019 से मार्च 2021 तक हर महीने तीन तोपें भारत लायी जायेंगी और उनको सीमा पर तैनात किया जाएगा |

आपको ज्ञात हो कि पिछले साल ही भारत सरकार ने इस बात का एलान किया था कि भारत अपने तोपखाने को और अधिक मजबूत और अत्याधुनिक बनाने के लिए 145 अत्याधुनिक अल्ट्रा लाइट होवित्जर तोपों की खरीद करेगा | भारत के इस एलान के बाद दुनिया भर की कई बड़ी कंपनियों ने इस दौड़ में हिस्सा लिया था लेकिन इस दौड़ में साफ अमेरिका बीएई ही हो सकी थी | कंपनी के साथ भारत सरकार ने पिछले वर्ष ही 4750 करोड़ रूपये का करार कर लिया था | जिसके चलते अमेरिकन कंपनी ने तोपों का निर्माण अविलम्ब प्रारंभ कर दिया था और करार के अनुसार ही बुधवार को दो तोपों को भारत भेजा जा चुका है |

गौरतलब है कि 1986 जब तत्कालीन राजीव गाँधी के नेतृत्व वाली सरकार ने स्वीडिश कंपनी बोफोर्स से तोपें खरीद कर उन्होंने भारतीय सेना के तोपखाने को मजबूत बनाने का प्रयास किया था लेकिन इसी मामले में गांधी सरकार के ऊपर दलाली का आरोप भी लगा था जिसके बाद से अब तक भारतीय सेना के तोपखाने को अत्याधुनिक बनाने का सपना-सपना ही रह गया था | लेकिन मोदी सरकार ने अब सेना को और अधिक मजबूत करने का निर्णय लेते हुए सेना में नई तोपों को शामिल करने का फरमान जरी कर दिया है |

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