रेलवे के जनरल कोच के यात्रियों पर बरसी प्रभू की कृपा, AC कोच जैसी मिलेंगी सुविधाएं |

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मोदी सरकार के रेल मंत्री सुरेश प्रभू कि महिमा से अब एक्सप्रेस ट्रेनों के जनरल कोच में यात्रा करने वाले यात्री भी अब AC कोच जैसी सुविधाओं का लाभ उठा पायेंगे, इसके लिए एक्सप्रेस ट्रेनों में कई सुविधाओं से लैस अनारक्षित श्रेणी का दीनदयालु कोच लगाए जाएंगे। कई मायने में तो यात्रियों को इस कोच में राजधानी व शताब्दी जैसी वीआईपी ट्रेनों से भी ज्यादा सुविधाएं मिलेंगी। इस वित्त वर्ष में ट्रेनों में 700 दीनदयालु कोच लगाने का लक्ष्य रखा गया है। रेल मंत्री ने कहा कि रेल बजट में घोषित हमसफर व तेजस ट्रेनें भी जल्द शुरू होगी। अनारक्षित श्रेणी के यात्रियों की परेशानी को देखते हुए रेल मंत्री ने रेल बजट में दीनदयालु कोच की घोषणा की थी।
सफर के दौरान यात्रियों को पानी के लिए न तो स्टेशन पर ट्रेन से उतरना होगा और न बोतलबंद पानी खरीदने की जरूरत होगी क्योंकि कोच में दो एक्वागार्ड लगाए गए हैं। इससे यात्री बिना कोई पैसा दिए शुद्ध जल ले सकेंगे। इस तरह की सुविधा राजधानी और शताब्दी जैसी ट्रेनों में भी नहीं है। इस वित्त वर्ष ट्रेनों में लग जाएंगे 700 कोच मंगलवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने इस आधुनिक कोच का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जल्द ही ट्रेनों में दीनदयालु कोच लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
जानिये क्या होगी इन नए कोचों की खासियत –
– इंटिग्रल कोच फैक्ट्री (आईएफसी) चेन्नई में बनाया गया है पहला दीनदयालु कोच।
– 19 जुलाई को इसे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लाया गया।
– इसी महीने 20 और कोच तैयार हो जाएंगे।
– राजधानी, शताब्दी, दूरंतो जैसी ट्रेनों को छोड़कर अन्य ट्रेनों में लगेंगे इस तरह के कोच
सामान्य कोच में लगा है बॉयो टायलेट
– कोच में बॉयो टायलेट और डस्टबिन भी लगाए गए हैं। ये अभी तक किसी भी श्रेणी के कोच में नहीं है।
– शौचालय खाली है या नहीं, इसकी जानकारी कोच में लगे टायलेट इंडीकेटर से मिल जाएगी।
– कोच की टंकी में पानी है या नहीं, इसके लिए भी इंडीकेटर लगाया गया है
– कोच की बड़ी खासियत यह भी है कि आपातकालीन द्वार से लेकर सीट तक ब्रेल लिपि का उपयोग किया गया है, ताकि देखने में असमर्थ यात्रियों को सीट ढूंढने में कोई परेशानी न हो।
सीट है गद्देदार
– कोच की सीट गद्देदार बनाई गई है ताकि यात्री आराम से सफर कर सकें।
– खास बात यह भी है कि ऊपर की सीट को भी गद्देदार बनाया गया है। अमूमन सामान्य कोच की सीट या तो पटरी वाली होती है या फिर सिर्फ नीचे की सीट पर फोम लगाया जाता है। लेकिन दीनदयालु कोच में नीचे व ऊपर दोनों सीट गद्देदार बनाई गई है।
– सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दो फायर एक्सटिंग्यूसर भी लगाए गए हैं।
सीट के पास मोबाइल चार्जिग
– अनारक्षित कोच में सबसे बड़ी परेशानी मोबाइल चार्जिग की होती है जिसे दूर करने के लिए सीट के समीप चार्जिग प्वाइंट बनाए गए हैं।
– सीट के पास कपड़ा टांगने के लिए हुक भी लगाए गए हैं।
– सामान रखने के लिए साइड में कैरियर लगाया गया है। रेलवे कोच फैक्ट्री चेन्नई व कपूरथला के साथ ही भोपाल के निशातपुरा में भी इस तरह के कोच तैयार किए जाएंगे।

 

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