परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की लापरवाही से नौनिहालो का भविष्य अंधकार में?

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श्रावस्ती (ब्यूरो): योगी सरकार शिक्षा व्यवस्था को लेकर भले ही बेहतर शिक्षा के दावे कर रही हो, परन्तु इस अभियान में लगे शिक्षकों की लापरवाही से छोटे छोटे बच्चो का भविष्य तो बर्बाद हो ही रहा है बल्कि सरकार की की भी किरकिरी हो रही है।

एक तरफ जनपद में पढ़े श्रावस्ती, बढ़े श्रावस्ती अभियान के तहत नीति आयोग की टीम भी सक्रिय है। परन्तु असल हकीकत कुछ और ही है। क्योकि विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित गुरुओं की जगह रसोइया इस काम को कर रही है।

आपको बता दे कि विकास खण्ड जमुनहा के प्राथमिक विद्यालय ओदाही (दक्षिणी) में 9 बजकर 20 मिनट पर विद्यालय बन्द मिला। मीडिया के दखल के बाद इस विद्यालय का ताला रसोइओ ने 9 बजकर 30 मिनट पर खोला और बच्चे अंदर गए। वजह पूछने पर रसोइयां का जवाब गोल मटोल था बाद में बताया गया कि गुरु जी अभी नही आये। बच्चों से यह पूछे जाने पर कि बिना शिक्षक के आपको कौन पढता है तो रसोइया बोली तब तक मेरी जिम्मेदारी रहती है इन बच्चो को संभालने की विद्यालय में दो अध्यापक हैं, बरसात होने के कारण कभी कभार बहुत कम आ पाते है ये जवाब बच्चो सहित रसोइयों का था अब बड़ा सवाल यह उठता है की आखिर जिनके कंधों पर बच्चो के शिक्षा का दायित्व सौपा गया हो उनकी इस तरह की बड़ी लापरवाही कियू आखिर बच्चो के भविष्य से खिलवाड़ कियू जवाब शायद अभी बाकी है?

रिपोर्ट:-पंकज वर्मा श्रावस्ती

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