ओबरा में विधुत कर्मचारियों ने छः सूत्रीय मांग को लेकर मुख्य द्वार पर दिया धरना

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सोनभद्र (ब्यूरो)- विद्युत मजदूर संगठन ने छः सूत्रिय मांग को लेकर ओबरा तापीय परियोजना के मुख्य द्वार पर केंद्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान बिजली प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गयी।

इस मौके पर हुई सभा को संबोधित करते हुए अध्यक्षता कर रहे आरपी त्रिपाठी ने कहा कि बिजली कामगारों की जायज मांगे बीते 9 मई 2017 को गांधी सभागार लखनऊ में की गई घोषणा के अनुसार संविदा कर्मियों को सीधे विभाग द्वारा वेतन भुगतान का आदेश जारी किया जाए। कार्यालय सहायक एवं टीजी-2 तथा अन्य को प्रथम ग्रेड पर रुपया 4200 दिया जाए। चतुर्थ श्रेणी को रुपया 2600 का ग्रेड पे दिया जाए।टीजी-2 के जूनियर इंजीनियर पद पर की गई पदोन्नति के पूर्व आदेश को बहाल किया जाए। पनकी के 46 संविदा श्रमिकों हेतु माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर श्रमायुक्त कानपुर द्वारा जारी समान कार्य हेतु समान वेतन का आदेश लागू किया जाए।

10 श्रमिक नेताओं व 155 कर्मचारियों पर 10 फरवरी 2015 को साजिश के तहत लखनऊ में दर्ज कराए गए फर्जी मुकदमों को वापस लिया जाए। चेतावनी दिया की संविदा के निकाले गए कर्मचारियों को जल्द उनके कार्य पर वापस रखा जाए।अन्यथा की स्थिति में जेल भरो जैसे आंदोलन करने के लिए संगठन बाध्य होगा। इससे परियोजना के उत्पादन पर असर पड़ने के साथ होने वाली औद्योगिक अशांति के लिए बिजली प्रबंधन जिम्मेवार होगा। सभा को बीडीतिवारी, पंडित शिवलाल, विजय शंकर मिश्रा, बृजभान आदि ने भी संबोधित किया। वही समस्याओं से संबंधित ज्ञापन मुख्य महाप्रबंधक के द्वारा ऊर्जा मंत्री उत्तर प्रदेश शासन को सौंपा गया। कार्यक्रम में खुर्शीद अहमद, प्रेम प्रकाश चौबे, संत कुमार पांडेय, जगदीश प्रसाद दुबे, बजरंग बहादुर सिंह, रामनरेश सिंह, रैन कुमार, रियाजुद्दीन आदि दर्जनों लोग शामिल रहे।

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