काम में देरी करने वाले अधिकारीयों पर लगेगा हर्जाना और मिलेगा आम नागरिक को : केजरीवाल

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दिल्ली सरकार की इस तरह की शुरुवात के बाद सरकारी दफ्तरों में काम – काज में होने वाली लेट-लतीफी दूर हो सकती है, दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल ने मीडिया को बताया की दिल्ली सरकार एक प्रस्ताव पर कार्य कर रही है जिसका प्रयोग करके आम नागरिक सरकारी विभागों द्वारा काम में देरी करने पर हर्जाने की मांग कर सकेंगे | इसके सम्बन्ध में क़ानून अगले विधानसभा सत्र में बनाया जा सकता है |

करीब 371 सेवाएँ हैं जोकि लगभग सभी विभागों को दायरे में लाती हैं, पर मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के अध्यक्षों से एक बार दोबारा इस लिस्ट का निरिक्षण करने को कहा है |

पहले भी याचिकाकर्ता हर्जाने की मांग कर सकता था पर यह प्रक्रिया स्वचालित नहीं थी, दिल्ली की आप सरकार के अनुसार मौजूदा कानून के कठिन प्रावधान के कारण पिछले तीन सालों में इस सम्बन्ध में कोई भी याचिका नहीं आई है |

“नए प्रावधान के तहत “मान लीजिये अगर नागरिक को कोई भी प्रमाणपत्र 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराये जाने का आश्वासन दिया गया है पर ऐसा नहीं हो पाता तो सोलहवें दिन से स्वतः ही हर्जाने का नियम लागू हो जायेगा और जैसे ही प्रमाणपत्र नागरिक को मिलेगा आपको हर्जाने की रकम की जानकारी प्राप्त हो जाएगी और अगले 15 दिनों में हर्जाना सीधे आपके खाते में जमा हो जायेगा | यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद सक्षम अधिकारी देरी की जिम्मेदारी तय करेगा और सुनिश्चित करेगा कि पैसे किसके खाते से कटेंगे | दंडात्मक शुल्क माफ़ करने का अधिकार सिर्फ विभाग के मंत्री के पास होगा |

सीएम केजरीवाल ने कहा “यह प्रावधान दंड और पुरष्कार दोनों ही सुनिश्चित करेगा, वो अधिकारी जो अच्छा प्रदर्शन करेंगे और जिनके खिलाफ शिकायतें नहीं होंगी उन्हें अच्छे पारितोषिक भी मिलेंगे |

उम्मीद की जा रही है कि इस नियम को 1 जनवरी से लागू कर दिया जायेगा | इस नियम के लागू होने के बाद से सरकारी विभागों में कामों में तेजी आने की उम्मीद है क्योकि कोई भी अधिकारी काम में देरी करके हर्जाना महीन भरना चाहेगा |

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