116 वीं जयंती पर ‘मधुर’ को किया नमन

0
56

बलिया (ब्यूरो)- नागरी बाल साहित्य संस्थान के तैतीसवें सम्मान समारोह में स्व0 राम सिंहासन सहाय ‘मधुर’ की 116 वीं जयंती के अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ0 जनार्दन राय ने उन्हें एक यशस्वी साहित्यकार एवं बाल साहित्य का मर्मज्ञ शिल्पी बताया। संस्थान के महामंत्री एवं अन्य वक्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अपनी उदार भावना एवं सरस व्यक्तित्व के कारण मनुष्य रूप में महान थे।

इस अवसर पर सोहन लाल द्विवेदी बाल कविता सम्मान पुरस्कार प्राप्त साहित्यकार अनन्त प्रसाद ‘रामभरोसे’, रंगकर्मी श्री विवेकानन्द सिंह एवं साहित्यकार राजेन्द्र भारती को प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कथाकार रमेश चन्द्र की तेरहवी रचना हीरा-कोयला हिन्दी उपन्यासद्ध का विमोचन हुआ। पुस्तक समीक्षा पर बोलते हुए डॉ0 प्रमोद शंकर पाण्डेय ने उन्हें जीवन-जगत का समर्पित कथाकार बताते हुए कहा कि उपन्यास में पुरूष प्रधान भारतीय समाज में रूची की स्थिति तथा टूटते हुए संयुक्त परिवार एवं वृवस्था मंें परिवार द्वारा प्राप्त उपेक्षा का सजीव चित्रण है।

प्रो0 के0पी0 श्रीवास्तव, भोला प्रसाद आग्नेय डॉ0 जैनेन्द्र पाण्डेय, डॉ0 अमलदार ‘नीहार’, डॉ0 प्रमोद शंकर पाण्डेय, डॉ0 रघुनाथ उपाध्याय ‘शलभ’, मोहन, फतेहचन्द बेचैन, डॉ0 जनार्दन चतुर्वेदी, डॉ0 दयालानन्द, मुस्ताक मंजर, ध्रुवपति पाण्डेय, सुरेश्वर अनाम, गंगाधर पाण्डेय, शैलेस मिश्रा, मुकेश कुमार श्रीवास्तव, देव कुमार सिंह ने अपने विचार व्यक्त किए। अमृत पब्लिक स्कूल की बच्चियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अध्यक्षता प्रो0 के0पी0 श्रीवास्तव एवं संचालन डॉ0 राजेन्द्र भारती ने किया। आभार महामंत्री रमेश चन्द्र श्रीवास्तव ने व्यक्त किया।

रिपोर्ट- अजित ओझा 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here