घटना के तीसरे दिन मृतक व्यापारी के अन्तिम संस्कार को राजी हुए परिजन

लालगंज/प्रतापगढ़(ब्यूरो)- बोलेरो की टक्कर से पान कारोबारी की बीती मंगलवार को हुई मौत के बाद हाइवे पर जाम लगाने को लेकर 33 लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने से मृतक के परिजन आक्रोशित हो गए। मुकदमा वापस लेने की मांग करते हुए शव का अन्तिम संस्कार न किये जाने पर परिजन अड़ गए।

नाराज परिजनों को मनाने में पुलिस प्रशासन को करीब 20 घण्टे तक मशक्कत करनी पड़ी। लालगंज कोतवाली के वर्मा नगर में बीती अठारह जुलाई को दोपहर करीब तीन बजे हाइवे पर बोलेरो की जोरदार टक्कर से पान कारोबारी अशोक वर्मा (45) निवासी सोरठा सरायभागमनी की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने हाइवे पर जाम लगा दिया।

आरोप है कि लोगो ने पुलिस के साथ मारपीट व ईंट पत्थर से जानलेवा हमला किया। एसएसआई सन्तोष दुबे की ओर से दी गई तहरीर पर पुलिस ने आठ नामजद व पच्चीस अज्ञात के खिलाफ मारपीट, हत्या के प्रयास, बलबा, दहसत फैलाने, सेवेन क्रिमिनल एक्ट समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

इधर पीएम के बाद बुधवार दोपहर बाद व्यापारी का शव लेकर परिजन घर पहुँचे। लेकिन जब मुकदमे की जानकारी मृतक व्यापारी के परिजनों को हुई तो आक्रोश बढ़ चला। परिजनों का कहना रहा कि किसी प्रकार की कानूनी कार्यवाही न होने के आश्वाशन के बाद जाम समाप्त हुआ था। अब मुकदमा पुलिस प्रशासन का दोगलापन है। मुकदमा वापस न लिये जाने तक शव का अंतिम संस्कार नही होगा।

परिजनों का आक्रोश देख सकते में आये पुलिस प्रशासन के अफसर सतर्कता के साथ परिजनों का मान मनौवल करने में जुटे रहे। सीओ द्वारा दोषियों के खिलाफ ही कारवाई के अस्वासन के बाद गुरुवार दोपहर किसी तरह परिजन माने। तब कहीं जाकर शव का अंतिम संस्कार हो सका।

रिपोर्ट – चंद्र शेखर तिवारी

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