पर्यावरण के दुश्मन बने डेढ़ दर्जन लकड़ी ठेकेदार

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जालौन(ब्यूरो)- वन विभाग, पुलिस विभाग की सांठगांठ करके लकड़ी ठेकेदार बगैर परमीशन के हरे वृक्षों की कटान करवा रहे हैं जिससे सरकारी राजस्व के साथ पर्यावरण को भी बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है इके बाद भी जिम्मेदार चुप्पी साधे हुये हैं।

सरकार पर्यावरण को हो रहे नुकसान को देखते हुये हर वर्ष वर्षा ऋतु में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्र्रम चलाती है। इस अभियान पर सरकार मोटी रकम भी खर्च करती है। एक ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिये अभियान चला रही है तो वही दूसरी ओर नगर में काम कर रहे डेढ़ दर्जन लकड़ी ठेकेदार वन विभाग, पुलिस व राजस्व विभाग के अधिकारियों से सांठगांठ करके हरे वृक्षों की अवैध कटान कराने में लगे हुये हैं। वन विभाग के स्थानीय कर्मचारी व अधिकारी अपने-अपने मुनाफे के लिये हरे पेड़ों की कटान के नाम पर धनवसूली करने से संकोच नहीं कर रहे हैं। एक हरे पेड़ की परमीशन के एवज में दर्जन भर से लेकर डेढ़ दर्जन पेड़ों पर कुल्हाड़ी व आरा रात के अंधेरे में नहीं बल्कि दिन के उजाले में चलाये जाने के दृश्य दिखना तो आम बात सी हो गयी है।

नाम न छापने की शर्त पर एक लकड़ी ठेकेदार ने बताया कि वह पेड़ों का काटने का धंधा ऐसे ही नहीं कर रहे हैं। इसके लिये हर माह वन विभाग, चैकी प्रभारी, कोतवाली प्रभारी, सीओ कार्यालय के चालक सहित उप जिलाधिकारी के ड्राइवर के पास हर माह नजराना सुविधा शुल्क के रूप में भिजवानी पड़ती है, तब कहीं जाकर हम लोग हरे पेड़ों पर खुलेआम आरी चलाने की मौन स्वीकृति मिल पाती है। लेकिन खुद की जेबें भरने के नाम पर जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे रखते हैं। ऐसे ही कारणों से लकड़ी ठेकेदार सुविधा शुल्क देकर हरे वृक्षों की धड़ल्ले से कटाई कर रहे हैं। लकड़ी ठेकेदार रात के अंधेरे में भी सड़कों के किनारे सरकारी जमीनों पर लहलहाते हरे पेड़ों पर गिद्ध दृष्टि रखते हैं और जैसे ही उन्हें मौका मिलता है वह हरे वृक्षों की कटान कर रात में ही उसे गंतव्य स्थान पर सुरक्षित भिजवा भी देते हैं।

हाल ही में बन रही सड़कों के दोनों ओर खड़े हरे वृक्षों को काट रहे है और अपने जेबें भी भर रहे हैं। जिससे पर्यावरण को बड़े स्तर पर क्षति भी हो रही हैं। लकड़ी माफियाओं ने वन विभाग से सांठगांठ करके कीमती शीशम की लकड़ी को बाजार में बिकवा दिया है। जब इस संबंध में अपर जिलाधिकारी आर के सिंह से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि उन्हें अभी तक इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। वह मामले की जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों की सांठगांठ की जांच करायेंगे।

रिपोर्ट- अनुराग श्रीवास्तव 

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