एकदिन लोग मुझे मेरी आवाज़ से जानेंगे मेरे रंग से नहीं………

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albinis

मै जन्म से ही सामाजिक असमानता झेलता आया हूँ, मेरे रंग की वजह से बच्चे आसानी से मेरे साथ खेलने को तैयार नहीं होते थे, स्कूल में मुझे सूरजमुखी, अंग्रेज़ और इससे भी बुरे नामों से चिढ़ाते थे, अब मै 21 साल का हूँ और मुझे इन सब से कोई फर्क नहीं पड़ता, पर सुशिक्षित होने और अवर्णता के बारे में सब कुछ जानने के बाद भी आज भी बहुत सारे लोगों के लिए मेरी पहचान मेरी सफ़ेद त्वचा ही है, जब मै इंटरव्यू के लिए जाता हूँ लोग भिन्नता का व्यवहार करते हैं और कुछ भी कारण देकर हर बार मुझे मना कर दिया जाता है, लेकिन मैंने बहुत सारे इंटरव्यू दिए है, इसलिए मै सब समझता हूँ |

मेर सपना एक रेडियो जॉकी बनना है और मै जनता हूँ एक दिन मै बनूँगा, लेकिन अभी मेर परिवार एक बुरे दौर से गुजर रहा है इसलिए मुझे कॉलेज जाना छोड़ना पड़ा ताकि कुछ काम करके उनकी मदद कर सकूँ पर इस बार फिर से मुझे कोई नौकरी नहीं मिली, इसलिए मै राखी बेच रहा हूँ, देखते हैं सोमवार से मै क्या कर पता हूँ, पर मेर एक ही सपना माइक के पीछे खड़े होना है, मुझे पूरा विश्वास है की एक दिन लोग मुझे मेरी आवाज़ से जानेगे मेरी त्वचा के रंग से नहीं |

 

Via- Humans of Chandigarh

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