ऑनलाइन बनेगा हैसियत प्रमाण पत्र

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बलिया (ब्यूरो)- हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों को भागदौड़ करने से काफी हद तक राहत मिलने वाली है। अब हैसियत के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा और आगे की कार्यवाही करते हुए हैसियत प्रमाण पत्र भी ऑनलाइन ही जारी होगा। एडीएम मनोज सिंघल ने बताया कि आवेदन करने के 30 दिन तक किसी प्रकार की आपत्ति नहीं होने पर यह ऑनलाइन जारी हो जाएगा। हैसियत प्रमाण पत्र की वैधता दो साल तक की होगी। उन्होंने बताया कि अगर बैंक में जमा धनराशि हैसियत के रूप में बताई जाती है तो वह तीन महीने पहले की जमा होनी चाहिए। हैसियत प्रमाण पत्र जनसेवा केंद्रों द्वारा अपलोड किया जाएगा। आवेदन के लिए सौ रुपए के साथ यूजर चार्जेस भी निर्धारित किया गया है। इस प्रकार जन सेवा केंद्रों पर 120 तथा सिटीजन पोर्टल पर 110 निर्धारित किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि आवेदन में गलत जानकारी दिए जाने पर आवेदक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई भी होगी।

अपराध की श्रेणी के आधार पर हो मुकदमा: कर्णवाल-
बच्चों के साथ यौन अपराधों को लेकर जागरूक करने के लिए जिला जज के निर्देश पर सदर कोतवाली में विधिक साक्षरता एवं पास्को एक्ट पर शिविर का आयोजन हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकारण की सचिव पूनम कर्णवाल की अध्यक्षता में हुए शिविर में इसकी महत्ता पर प्रकाश डाला गया। कर्णवाल ने कहा कि बच्चों के साथ यौन अपराधों को रोकने के लिए पास्को एक्ट बनाया गया।

यह एक्ट बच्चों को कई गम्भीर अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। पुलिस अधिकारियों से कहा कि बच्चों से सम्बन्धित कोई मामला आता है तो उस पर तत्काल कार्यवाही होनी चाहिए। अपराध और उससे सम्बन्धित धाराओं का जिक्र करते हुए कहा कि अपराध जिस श्रेणी में हो उस श्रेणी में मुकदमा पंजीकृत कर कार्यवाही हो। कर्णवाल ने कहा कि अपराध की श्रेणी के आधार पर अलग-अलग सश्रम कारावास, अर्थदण्ड का दण्ड निर्धारित है। शिविर में थाना कोतवाली इंचार्ज शशिमौली पाण्डेय, कई थानों के थानाध्यक्ष, शहर के सभी पुलिस चौकी इंचार्ज व महिला थाना इंचार्ज सरोज यादव उपस्थित थे।

एनएचएम की प्रगति सुधारने की चेतावनी-
जिलाधिकारी भवानी सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को हुई। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने योजनाओं की धीमी प्रगति पर असंतोष जताते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को कड़े शब्दों में कहा कि आम जन की हितकारी योजनाओं में समय से कार्यवाही हो। अधिकांश योजनाओं में लक्ष्य के अनुरूप संतोषजनक प्रगति नहीं मिली। एंबुलेंस से संबंधित शिकायतें लगातार आने पर सवाल किया। जननी सुरक्षा योजना में समय से भुगतान सुनिश्चित कराने की चेतावनी दी। अंत में निर्देश दिया कि चिकित्सा व्यवस्था में सुधार लाने के साथ योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को बिना लाभान्वित करने पर विशेष जोर रहे। बैठक में सीएमएस महिला डॉ सुमिता सिन्हा, आयुष्मान भारत के चंद्रशेखर सिंह सुमित एनएचएम के कर्मी मौजूद थे।

शौचालय निर्माण की प्रगति सुधारने को 30 तक का अंतिम अल्टीमेटम-
जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में शौचालय निर्माण को लेकर एक समीक्षा बैठक हुई। इसमें पंचायती राज विभाग के जिले से लेकर ब्लॉक स्तर के अधिकारियों व पंचायत सचिवों की उपस्थिति सुनिश्चित कराई गई। इसके लिए विकास खंडवार अलग-अलग 17 टेबल लगाए गए थे। सभी ने अपने अपने ग्राम का प्रस्ताव भी दिया।

समीक्षा के दौरान जिस गांव में फ़ोटो अपलोडिंग की स्थिति खराब मिली, वहां के सचिव को कड़ी फटकार लगाते हुए 30 नवंबर तक ठीक करने का अंतिम मौका दिया गया। सीडीओ बद्रीनाथ सिंह ने साफ चेतावनी दी कि इस तिथि के बाद लापरवाह पंचायत सचिव निलंबन को तैयार रहेंगे। डीपीआरओ शेषदेव पाण्डेय कहा कि अपने-अपने छूटे हुए गांव के अभिलेख प्रिया सॉफ्ट वेबसाइट पर अपलोड कराना सुनिशित करें। बैठक में वार रूम प्रभारी अविनाश कुमार, समस्त डीपीसी आदि मौजूद रहे।

रिपोर्ट- अजित ओझा

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