मुख्यमंत्री को खुली चुनौती दे रहे ब्लॉक प्रमुख

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उन्नाव ब्यूरो : उत्तर प्रदेश के जनपद में सरकार बदलने के बाद ग़रीब जनता को नई सरकार से काफ़ी उम्मीदे थी कि इस सरकार में कुछ अलग साबित होगा।

यह उम्मीदें और भी ज्यादा तब हो गई जब मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्य नाथ ने प्रदेश की बागडोर संभाली उसके बाद महंत योगी आदित्यनाथ के शपथ लेते ही उनके द्वारा लिये गयें ताबड़तोड़ ऐतिहासिक फैसलों में एक प्रमुख फैसला भी था हर जिले में सरकारी जमीनों को कब्ज़े से छुड़वाने का दबंगों से सरकारी जमीनों को ख़ाली कराने के इस निर्णय को प्रदेश की जनता ने हाँथो हाँथ लिया, लेकिन यह अभियान तब झूंठा नज़र आने लगा जब सरकारी ज़मीनों पर कब्ज़ा जमाये दबंगों को शासन सत्ता का संरक्षण प्राप्त होने लगा।

कहने को तो यह अभियान प्रदेश में ग़रीब, अमीर के ऊपर समान रूप से लागू करने के लियें था लेकिन अफ़्सोस ऐसा हो न सका। एक ऒर जहाँ ग़रीबों को सरकारी जमीन से बेदख़ल कर के इस अभियान की पूर्ती की जा रही हैं, तो दूसरी तरफ़ सरकारी ज़मीनों पर कब्ज़ा जमाये दबंगों को कभी विभाग तो कभी प्रशासन द्वारा बचाया भी जा रहा हैं। यह बात है उत्तर प्रदेश के जनपद उन्नाव के तहसील हसनगंज के विकासखंड नवाबगंज की जहाँ के भूमाफिया दबंग ब्लॉक प्रमुख अरुण सिंह ने सरकार को सिर्फ ठेंगा ही नहीं दिखाया बल्कि प्रदेश के मुख्यमन्त्री के निर्णयों को खुली चुनौती भी दे डाली ।

नवाबगंज ब्लॉक प्रमुख अरुण सिंह ने जिले की दो तहसीलों पर अवैध कब्ज़ा कर के यह दिखा दिया की कोई भी कानून सिर्फ ग़रीबों के लियें ही बनाये जाते हैं। नवाबगंज ब्लॉक प्रमुख अरुण सिंह पिछली सरकार में समाजवादी पार्टी की टिकट पर ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित हुयें थे इस सरकार में चुनाव कैसे संपन्न हुयें थे लगभग सभी जानते हैं।चुनाव जीतने के बाद विकासखंड के विकास की जगह वो स्वयं व् परिवार के विकास की राह पर चल पड़े।सबसे पहले तेजी से सरकारी ज़मीन पर कब्जों में सरकारी तालाब पर कब्ज़ा. सार्वजनिक धर्मशाला पर कब्ज़ा. करने का काम शुरू कर दिया |

अवैध कब्जों की बात अगर की जाये तो नगर पंचायत नवाबगंज में सरकारी ज़मीनों को ख़ाली कराने के अभियान में ग़रीबों के एक दर्जन से अधिक घर गिरा दियें गये, जिसमें जिला और तहसील प्रशासन भी पूरी तरह जुटा रहा इसी अभियान की तेजी को देख कर वो लोग खुश नज़र आये की अब दबंगों से भी सरकारी जमीन खाली करा ली जायेगी लेकिन नवाबगंज के ब्लॉक प्रमुख अरुण सिंह ने सैकडों साल पुराना तालाब पक्का ताल जिसमें हनुमान जी का मन्दिर भी स्थित था उसके साथ कब्रिस्तान की भी ज़मीन को कब्ज़ा कर लिया, कब्ज़े के पीछे पुरवा के पूर्व विधायक का संरक्षण प्राप्त होता चला आ रहा हैं |

इसी तरह नवाबगंज का सैकडों साल पुराना धर्मशाला तुड़वाकर मार्केट बनवाई जाने लगी इसके साथ-साथ सोहरामऊ के ग्राम सहरांवा में सरकारी नलकूप के साथ लगभग 100 बीघे जमीन भी कब्ज़ा किया जिसमें पूर्व विधायक का बल मिलता रहा जिस पर राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी संलिप्त रहे एक ब्लॉक प्रमुख जो लगातार सरकारी ज़मीनों पर कब्ज़े करता चला आ रहा हैं, उसको आख़िर सत्ता के किसी न किसी नेता का सहयोग तो जरूर मिल रहा हैं जिससे की यह ब्लॉक प्रमुख योगी जी के आदेशो को हवा में उड़ाए हैं इसी प्रकरण की जाँच के लियें आवास विकास कालोनी निवासी रमेश सिंह ने मुख्यमन्त्री से जाँच के लियें मांग की तो प्रशासन को जाँच कर आख्या देने को कहा गया है | पुलिस महानिदेशक के साथ प्रमुख सचिव राजस्व जिलाधिकारी उन्नाव पुलिस अधीक्षक उन्नाव के साथ और भी अधिकारियों को सूचना दी गई हैं |

अब देखना यह हैं की भाजपा नेताओं की परिक्रमा करने वाले ब्लॉक प्रमुख मुख्यमंत्री योगी को कहाँ तक चुनौती देते हैं |

रिपोर्ट – जितेंद्र गौड़ 

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