विपक्ष ने की योगी सरकार पर जोरदार हमले की तैयारी

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लखनऊ (ब्यूरो)- योगी सरकार हर साल 90 दिन विधानसभा सत्र चलाने को लेकर तैयारी में जुटी है| खुद सीएम योगी सदन में चर्चा को तरजीह देने और बीजेपी विधायकों को ही सवाल पूछने को प्रेरित करते नजर आ रहे हैं| लेकिन विपक्ष ने सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के पहले सत्र में योगी सरकार पर जोरदार हमला करने की तैयारी कर ली है| ऐसे में सदन में कितनी मर्यादा का ख्याल रखा जाएगा और नेता चर्चा कितनी करेंगे यह देखना दिलचस्प होगा|

विपक्ष द्वारा योगी सरकार पर पहला हमला कानून व्यवस्था को लेकर किया जा सकता है | इसके अलावा ब्याज सहित गन्ना मूल्य भुगतान, समाजवादी पेंशन बंद किए जाने और प्रदेश में विकास कार्य ठप रहने के मुद्दों पर भी सरकार को विपक्ष घेरने की कोशिश करेगा| वैसे तो योगी सरकार का विधानसभा में बहुमत है लेकिन विधानपरिषद में समाजवादी पार्टी बहुमत में है| इसलिए विपक्ष जोरदार हमले में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहता| सपा की रविवार को विधानमंडल दल की बैठक बुलाई गई है| इसमें खुद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव मौजूद रहेंगे|

वहीं आपको यह भी बता देते है कि दूसरी तरफ बसपा नेताओं की भी मीटिंग रविवार शाम को होगी| इनमें तय किया जाएगा कि सरकार को किन मुद्दों पर घेरना है| सपा के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी के अनुसार सपा सदन में सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाएगी| बीजेपी के महज 50 दिन के कार्यकाल में ही प्रदेश की हालत खराब हो गई है| कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है| गमछे वाले कानून अपने हाथ में ले रहे हैं| महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है| बीजेपी सरकार नकारत्मक सोच के साथ चल रही है|

सपा सरकार के विकास कार्यों में बीजेपी के मंत्री कमियां निकालते फिर रहे हैं| जनहित की योजना बंद की जा रही है| 55 लाख महिलाओं को सपा ने पेंशन दिया, उसे अब बंद कर दिया गया है| कर्जमाफी का वादा कुछ किया गया, दिया कुछ गया| गन्ना किसानों का भुगतान नहीं हो सका है| वहीं बसपा के अनुसार कानून व्यवस्था, दलित उत्पीड़न, गन्ना किसानों के मुद्दे पर पार्टी सरकार को सदन में जोरदार ढंग से घेरेगी| उधर कांग्रेस ने भी खराब कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाने की तैयारी कर ली है| इसके अलावा गन्ना किसानेां का मुद्दा भी उठाया जाएगा| 22 मई तक चलने वाले इस सत्र में कार्यक्रम की बात करें तो विधानसभा में सोमवार सुबह 11 बजे राज्यपाल राम नाईक के अभिभाषण से विधानमंडल सत्र की शुरुआत होगी| उसके बाद एजेंडे के अनुसार कार्रवाई होगी|

संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना के अनुसार इसी सत्र में जीएसटी विधोयक भी पारित कराया जाना है| सरकार की कोशिश इसे जल्द से जल्द पारित करा लिया जाए| बीजेपी गठबंधन के 325 विधायकों में से 209 पहली बार चुनकर विधानसभा पहुंचे है| इसलिए बीजेपी की कोशिश है कि इन नए विधायकों की तरफ से कुछ भी ऐसा न हो जाए कि सरकार की किरकिरी हो|

रिपोर्ट- मिंटू शर्मा लखनऊ

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