पत्नी की अर्जी पर कोर्ट ने दिया एक लाख के गुज़ारा भत्ते का आदेश

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सुल्तानपुर(ब्यूरो)- कुटुंब न्यायालय ने पीड़िता पत्नी की अर्जी पर उसके बेटे व उसके खर्च के लिए पति के खिलाफ प्रतिमाह एक लाख रूपये अंतरिम भरण-पोषण दिये जाने का आदेश पारित किया है। अदालत का यह आदेश चर्चा का विषय बना है और यह खबर सुनकर अपनी पत्नियों से गुजारे का मुकदमा लड़ रहे पतियों के होश उड़ गए हैं।

मामला अमेठी कोतवाली क्षेत्र के उमापुर गानापट्टी गांव से जुड़ा है। जहां के रहने वाले अमित कुमार मिश्र पुत्र रामबहादुर के खिलाफ उनकी पत्नी मीनाक्षी मिश्रा ने कुटुंब न्यायालय में गुजारे का मुकदमा किया है। जिसमें उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई-लिखाई व अपने आवश्यक खर्च आदि को दर्शाते हुए अपने पति से एक लाख रूपये प्रतिमाह अंतरिम भरण-पोषण दिलाये जाने की मांग की। मीनाक्षी ने अपने पति अमित मिश्रा का पंजाब में एक विद्यालय चलने, तीन बेशकीमती मकान होने व उसके रहन-सहन के स्तर को अत्यंत ऊंचा बताते हुए उसकी आमदनी करीब 5 लाख रूपये प्रतिमाह बताई है। इसी आमदनी के आधार पर मीनाक्षी के अधिवक्ता रविवंश सिंह ने अदालत से 1 लाख रुपए प्रतिमाह अंतरिम भरण-पोषण दिलाने की मांग की। वहीं विपक्षी अमित मिश्र के अधिवक्ता ने तर्को को निराधार बताते हुए अर्जी खारिज करने की मांग की।

दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात कुटुंब न्यायाधीश प्रमोद कुमार यादव ने अमित मिश्र की आमदनी व उनकी पत्नी व बेटे के खर्च के मद्देनजर प्रतिमाह की पांच तारीख तक बेटे अक्षत के लिए 40 हजार रूपये व मीनाक्षी के लिए 60 हजार रूपये अंतरिम भरण पोषण दिये जाने के संबंध में आदेश पारित किया है।

रिपोर्ट- दीपक मिश्रा
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