प्रतापगढ़: बिजली कटौती को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित

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प्रतापगढ़(ब्यूरो)- घोषित रोस्टर से इतर एक घण्टे से अधिक विद्युत कटौती पर जनता दर्ज कराये शिकायत, अधिकारियों की बैठक में विकास कार्यो की समीक्षा के दौरान प्रभारी डीएम ने दिया| निर्देश प्रभारी जिलाधिकारी श्री महेन्द्र बहादुर सिंह ने जनपद निवासियों से कहा है कि यदि उनके क्षेत्र में घोषित रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति नही हो रही है और रोस्टर की अवधि में विद्युत आपूर्ति में एक घण्टे से अधिक की कटौती होती है तो आमजन कैम्प कार्यालय के लैण्डलाइन नम्बर- 05342-220401 और 05342-228188 पर शिकायत दर्ज करा सकते है।

जिलाधिकारी ने इसके अलावा आज की बैठक में विद्युत अभियन्ताओं के 4 मोबाईल नम्बर भी तय कर दिये है जहां पर जनता शिकायतें दर्ज करा सकती है। विद्युत सम्बन्धी शिकायतों में रोस्टर के मुताबिक बिजली न मिलने और 48 घण्टे में बिगड़े ट्रांसफार्मर को बदलने के शासन के निर्देश की यदि अवहेलना होती है तो इन शिकायतों को भी आमजन दर्ज करा सकते है। विद्युत अभियन्ताओं के जिन मोबाईल नम्बरों को जिलाधिकारी ने कन्ट्रोल रूम के नम्बर के तौर पर शिकायत दर्ज कराने हेतु आज निर्धारित किया है| उनमें विद्युत वितरण खण्ड-1 (पूर्वी) के लिये मो0नं0-9450963703, विद्युत वितरण खण्ड-2 (पश्चिमी) के लिये मो0ंन0- 9450963894, ट्रांसफार्मर के लिये सहायक अभियन्ता स्टोर रूम मो0नं0-9450963867 और वर्कशाप के मो0नं0-9450963650 पर शिकायतें दर्ज करायी जा सकती है।

बैठक में विद्युत विभाग के अधिशासी अभियन्ता ने प्रभारी जिलाधिकारी को बताया कि 2017 के विद्युत बिलों में विद्युत नियामक आयोग द्वारा अधिभार की छूट प्रदान की गयी है जिसके लिये पंजीकरण आवश्यक है। शत् प्रतिशत अधिभार की छूट के लिये घरेलू और व्यावसायिक विद्युत कनेक्शन (एल0एम0जी0-1, 2 और 5) के लिये छूट हेतु पंजीकरण शुल्क 1000 रू0 निर्धारित किया गया है और पंजीकरण की तिथि 15 जून 2017 है। इसी प्रकार नर्सिंग होम व प्राइवेट निजी संस्थानो (एल0एम0जी0-4 और 6) के लिये पंजीकरण शुल्क रू0 5000 निर्धारित किया गया है और इस हेतु पंजीकरण की अन्तिम तिथि 31 मई 2017 है। जहां तक घरेलू व व्यावसायिक विद्युत कनेक्शनों का प्रश्न है एल0एम0जी0 1, 2, और 5 हेतु पंजीकरण शुल्क 1000 रू0 का समायोजन विद्युत बिल में ही कर दिया जायेगा जबकि एल0एम0जी0 4 और 6 के पंजीकरण शुल्क 5000 रू0 आगे के विद्युत बिलों में जोड़कर लिया जायेगा।

अधिशासी अभियन्ता ने बैठक में यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घण्टे का विद्युत रोस्टर लागू है जबकि तहसील मुख्यालयों पर 20 घण्टे व जनपदीय मुख्यालयों पर 24 घण्टे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित है। अधिशासी अभियन्ता ने यह भी बताया कि किसी भी क्षेत्र में यदि ट्रांसफार्मर खराब हो जाता है तो 48 घण्टे में खराब ट्रांसफार्मर को बदल दिये जाने का आदेश विद्युत नियामक आयोग का है।

विकास भवन में विशेष प्राथमिकता वाले 53 बिन्दुओं की गहन समीक्षा के दौरान प्रभारी जिलाधिकारी ने बताया कि समाजवादी पेंशन योजना में पेंशन फिलहाल रोक दी गयी है और इसका नये सिरे से पेंशन पाने वालों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया गया है। प्रभारी जिलाधिकारी ने बताया है कि प्रारम्भिक स्तर पर लेखपाल या सचिव के द्वारा पेंंशन प्राप्त लाभार्थियों का सत्यापन कराया जायेगा और यह सत्यापन मय फोटोग्राफ्स के लेखपाल या सचिव जिलाधिकारी कैम्प कार्यालय को उपलब्ध करायेगे। इसके बाद जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा लेखपाल/सचिव द्वारा उपलब्ध करायी गयी सत्यापन सूची का पुनर्सत्यापन कराया जायेगा और यदि पुनर्सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि किसी अपात्र को लेखपाल की सूची में समाजवादी पेंशन हेतु पात्र दर्शा दिया गया है तो सम्बन्धित लेखपाल/सेक्रेटरी के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई तय है। प्रभारी जिलाधिकारी ने यह भी कहा है कि जब समाजवादी पेंशन की सूची के सत्यापन के दौरान जब अपने लिये निर्धारित गांव का भ्रमण जिला स्तरीय अधिकारी करेगें तो वह इस सूची के सत्यापन में स्पष्ट आख्या देंगे और गांव में संचालित अन्य योजनाओं की भी समीक्षा कर और यदि कोई कमी पायी गयी तो उसकी सम्पूर्ण सूचना जिलाधिकारी कैम्प कार्यालय को देगे। प्रभारी जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा पुनर्सत्यापन रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से 15 मई तक इस कार्य को पूर्ण कराकर शासन को रिपोर्ट भेजी जायेगी। मनरेगा द्वारा तालाबांं की खुदाई के समीक्षा के दौरान प्रभारी जिलाधिकारी ने लघु सिंचाई के सहायक अभियन्ता से कहा कि जे0ई0एम0आई0, जे0ई0आर0ई0एस0 की टीम बनाकर खुदे तालाबांं के बारे में जांच आख्या 25 अप्रैल तक प्रत्येक दशा में प्राप्त हो जानी चाहिये। उल्लेखनीय है कि पट्टी, लक्ष्मणपुर, लालगंज, शिवगढ़, मान्धाता और सदर विकास खण्डों में कुल 12 तालाबों की खुदाई की गयी है जिसका सत्यापन कराने का निर्देश प्रभारी जिलाधिकारी द्वारा दिया गया है।

लोक निर्माण विभाग के अभियन्ताआेंं से प्रभारी जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे सभी सड़को चाहे वे किसी भी विभाग द्वारा बनायी गयी हो उन्हें 15 मई तक गड्ढा मुक्त कर दिया जाना है। इस प्रकार का निर्देश गत दिनों आर0ई0एस0 विभाग के मा0 मंत्री द्वारा भी दिया गया था। जिला उद्यान अधिकारी को प्रभारी जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि वह शीतगृहों का भ्रमण कर यह सुनिश्चित हो ले कि जो शीतगृह चल रहे है वे सब मानक पूरा करके ही चलाये जा रहे है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री बी0एन0 सिंह को बैठक में प्रभारी जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि वे हर सप्ताह जनपद के विद्यालयों में अध्यापकों के उपस्थिति का सत्यापन करायेगे और अपने ए0बी0एस0ए0 को भी निर्देशित करें कि वह भी अपने क्षेत्र के विद्यालयों का निरन्तर भ्रमण कर उपस्थिति को चेक करेगे। यदि ए0बी0एस0ए0 द्वारा अपने कार्य में कोताही बर्ती जायेगी तो ऐसे ए0बी0एस0ए0 के खिलाफ कार्रवाई के लिये बी0एस0ए0 प्रस्तावित करें।

आज की इस बैठक में प्रभारी जिलाधिकारी द्वारा भूमि संरक्षण, कृषि, सिंचाई, पशुपालन, जल निगम सहित अन्य विभागों की गहन समीक्षा की गयी। भूमि संरक्षण विभाग द्वारा जल संचयन प्रबन्धन (वाटर शेड मैनेजमेन्ट) के तहत कराये गये कार्यो की जांच के लिये प्रभारी जिलाधिकारी ने रोजगार सेवकों से यह जांच कराने का निर्देश दिया है। रोजगार सेवक इनकी जांच कर खण्ड विकास अधिकारी के माध्यम से रिपोर्ट जिलाधिकारी कैम्प कार्यालय को भेजना सुनिश्चित करेगे और यदि रोजगार सेवक इसमें विफल होगें तो उनके खिलाफ और यहां तक की ग्राम प्रधान पर भी कार्रवाई की जायेगी। बैठक में गेहूॅ क्रय केन्द्रों द्वारा गेहूॅ के खरीद की समीक्षा के दौरान डिप्टी आर0एम0ओ0 श्री देवेन्द्र सिंह ने बताया कि सभी 39 गेहूॅ खरीद केन्द्र पूरी क्षमता से चल रहे है और अब तक 523.35 मीट्रिक टन गेहूॅ की खरीद हो चुकी है। सी0एम0ओ0 की अनुपस्थिति के कारण स्वास्थ्य विभाग के कार्यो की समीक्षा के लिये प्रभारी जिलाधिकारी ने 24 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है। समीक्षा के दौरान प्रभारी जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन की भी समीक्षा की और कहा कि तहसील स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से आंगनबाड़ी केन्द्रों के औचक निरीक्षण का कार्यक्रम तैयार किया जाये। यह जिम्मेदारी प्रभारी जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को दिया है कि वह निरीक्षण हेतु अधिकारियों की टीम तैयार कर प्रस्तुत करें।

आज की बैठक में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी श्री सिंह प्रताप देव की अनुपस्थिति को गम्भीरता से लेते हुये प्रभारी जिलाधिकारी ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है और उनका आज का वेतन रोकने का आदेश दिया है।

रिपोर्ट- डॉ. आर. आर. पाण्डेय 

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