पूर्व सैनिकों ने मांगे नहीं पूरी होने के विरोध में लौटाए मेडल |

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केंद्र सरकार की ओर से जारी ‘वन रैंक वन पेंशन'(ओआरओपी) योजना की अधिसूचना के विरोध में पूर्व सैनिकों ने मंगलवार को हरियाणा और पंजाब में विभिन्न जगहों पर अपने युद्ध व अन्य वीरता मेडल लौटा दिए। चंडीगढ़ से लगते पंचकूला में पूर्व सैनिकों ने केंद्र सरकार की ओर से जारी वन रैंक वन पेंशन अधिसूचना के विरोध में पंचकूला के उपायुक्त को अपने मेडल लौटाए।

पंजाब के जालंधर, अमृतसर, पटियाला और हरियाणा के रोहतक, हिसार व अंबाला में भी पूर्व सैनिकों द्वारा मेडल लौटाए जाने की खबर है। पूर्व सैनिकों ने कहा है कि उन्होंने नरेंद्र मोदी की सरकार की ओर से शनिवार को जारी की गई अधिसूचना को ठुकरा दिया है। रक्षा दिग्गजों ने कहा कि वह मोदी सरकार के आश्वासनों से पीछे हटने के विरोध में इस साल ‘काली दिवाली’ मनाएंगे।

पूर्व सैनिकों ने सरकार की अधिसूचना को खारिज करते हुए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर की इस बयान के लिए निंदा की कि सारी मांगों को पूरा नहीं किया जा सकता। इंडियन एक्स-सर्विसमेन मूवमेंट (आईईएसएम) के महासचिव ग्रुप कैप्टन वीके गांधी (सेवानिवृत्त) ने कहा, हमारी केवल एक मांग है जो ओआरओपी की है। सरकार ने ही प्रावधान जोड़कर मुद्दे को जटिल कर दिया। हम परिभाषा के अनुसार ओआरओपी चाहते हैं। किसी जूनियर को उसके सीनियर से अधिक पेंशन नहीं मिलनी चाहिए।

रक्षा मंत्री ने सोमवार को कहा था कि लोकतंत्र में सभी को मांग उठाने का अधिकार है, लेकिन सारी मांगों को पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों की अधिकतर मांगों को पूरा कर लिया गया है। सरकार जो न्यायिक आयोग बनाने वाली है वह पूर्व सैनिकों की समस्याओं पर विचार करेगा।

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