लिवर मजबूत करने के लिए करें पादहस्तासन

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अमेठी(ब्यूरो)- आयुष मन्त्रालय भारत सरकार के सौजन्य से ओंकार सेवा संस्थान द्वारा जनपद में चल रहे अन्तर्राष्ट्रीय योग शिविर के अन्तर्गत आज जिला मुख्यालय गौरीगंज के शिवनायक सिंह विद्या मन्दिर इण्टर कालेज में योग शिविर का आयोजन विद्यालय के प्रबन्धक ददन सिंह ने भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण करके किया।

श्री सिंह ने कहा कि योग हमारी प्राचीन विरासत है और इसे संजोकर रखना चाहिए। वर्तमान पीढ़ी का यही दायित्व है कि वह अपनी प्राचीन विरासत को संजोये तथा उसका संवर्द्धन भी करे। इस भौतिक योग की आपाधापी में हम निरन्तर बीमारियों की तरफ बढ़ रहे हैं।

इससे हमें योग ही बचा सकता है। योगाचार्य महानन्द तिवारी ने कहा कि योग का अर्थ जोड़ना होता है। जब हम अपने को ब्रह्माणीय उर्जा से जोड़ते हैं तो यह अवस्था योग कहलाती है। परम् सत्ता से एकाकार होने की अनुभूति प्राप्त करते हैं साधकों को अनुलोम-विलोम कपालभाति ताडासन वक्रासन पादहस्तासन अर्द्धचक्रासन भद्रासन आदि का अभ्यास कराया गया।

इन आसनों से होने वाले लाभ के बारे में चर्चा करते हुए संस्था के महासचिव सूर्य कुमार त्रिपाठी ने कहा कि पादहस्तासन करने से हमारा समूचा पाचनतन्त्र मजबूत होता है। इसके साथ ही यह लीबर के लिए बहुत ही लाभ दायक होता है।

साधनों के भेद से योग को राजयोग, ज्ञानयोग, कर्मयोग, भक्तियोग, हठयोग आदि श्रेणियों में बांटा गया है। हठयोग का सम्बन्ध प्राण से है। ह का अर्थ सूर्य है (पिंगला नाड़ी)ठ का अर्थ चन्द्रमा (इणा नारी) इनके योग को इठ योग कहते हैं।

शिविर में ब्रह्मानन्द तिवारी, राजेश विश्वकर्मा, कृष्ण कुमार तिवारी अमरचन्द्र मौर्या सुनील सोनी कमलाकर मिश्रा सहित सैकड़ो लोग मौजूद रहे।

रिपोर्ट-हरि प्रसाद यादव

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