धन लेकर न्यूज छापने को अपराध घोषित किया गया

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मैनपुरी : प्रभारी अधिकारी मीडिया ने बताया कि भारत निर्वाचन आयेाग ने पैड न्यूज के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये है। विधान सभा सामान्य निर्वाचन 2017 में पैड न्यूज पर विशेष निगरानी करने के निर्देश दिये आयोग ने धन देकर न्यूज छापने को अपराध घोषित किया हैें। किसी के पक्ष में ऐसी न्यूज न छापे जिससे संशय पैदा हो। किसी प्रत्याशी की जनसभा ,जूलूस आदि को बढ़ा -घटा कर प्रकाशित करना भी पैड न्यूज की श्रेणी में माना जायेगा। उन्होने बताया कि इलेक्ट्निक मीडिया पर प्रसारित किये जाने वाले विज्ञापनो के प्रमाणन हेतु आवेदक द्वारा प्रस्तावित विज्ञापन का सत्यापित प्रतिलेख इलेक्ट्ानिक रूप से प्रसारण की तिथि से दो दिन पूर्व मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिमि के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। बिना पूर्व प्रमाणन के किसी भी चैनल अथवा सोशल मीडिया पर विज्ञापन प्रसारित नहीं किया जायेगा।

प्रभारी अधिकारी मीडिया ने बताया कि कोई भी व्यक्ति किसी भी राजनैतिक विज्ञापन का प्रसारण नहीं करेगा, कोई भी केबिल आपरेटर,टीवी चैनल,सोशल मीडिया पर इसका उल्लंघन करते पाया गया तो अधिनियम 1951 की धारा 12,16 अधीन दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। उन्होने कहा तक सोशल मीडिया पर जारी होने वाले राजनैतिक विज्ञापन भी पूर्व प्रमाणन के दायरे में आयेगें। उन्हें भी बिना परमीशन के प्रसारित नहीं किया जायेगा। आयेाग ने ट्विटर, यूट्यूब, फेसबुक, एप्स,बल्कमैसेज,वाइसमैसेज आदि को सोशल मीडिया माना है।

उन्होने कहा कि यदि किसी न्यूज चैनल को निर्वाचन के संबंध में कोई डिवेट,वोटर,मतदाताओ से सवाल-जवाब आदि कोई भी कार्यक्रम आयोजित करना हो तो इसकी अनुमति जिला स्तर पर गठित मीडिया सर्टिफिकेटेशन एवं मानीटरिंग कमेटी के माध्यम से प्राप्त करने के उपरान्त ही कार्यक्रम आयेाजित करायें। समाचार पत्र में कोई विज्ञापन प्रकाशित हो तो उस विज्ञापन को भी एमसीएमसी कमेटी द्वारा प्रमाणित होना आवश्यक हैं तभी वह विज्ञापन प्रकाशित किया जाये।

रिपोर्ट – दीपक

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