मेंन्सेस के दौरान अगर हो रहा है दर्द तो हो सकती हैं आपको हैं डिसमेनोरिया की बीमारी

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masik-dharmडिसमेनोरिया – दुनिया भर में तमाम महिलायें होती हैं जो डिसमेनोरिया से ग्रस्त होती हैं लेकिन ऐसा नहीं हैं कि इस समस्या से आराम नहीं पाया जा सकता हैं I इस समस्या को दूर किया जा सकता हैं I आइये जानते हैं कि आखिर यह समस्या क्या और कैसे इससे छुटकारा पा सकते हैं I

मेंन्सेस की समस्या किशोरावस्था में ही शुरू हो जाती हैं और यह तक़रीबन 50-52 तक की उम्र तक रहती हैं I जब तक महिलायें राज्व्रत्ति में रहती हैं तब तक यह समस्या उनके साथ रहती हैं I मेंन्सेस से कुछ दिन पहले ही महिलाओं के पेच और पेडू में दर्द शुरू हो जाता हैं और इसकी वजह से इन महिलाओं की दिनचर्या काफी प्रभावित हैं I कई-कई महिलाओं को मेंन्सेस के दौरान काफी ज्यादा दर्द होता हैं कभी-कभी यह उम्र बढ़ने के साथ कम भी हो जाता हैं तो कभी महिलाओं के गर्भ धारण के बाद बिलकुल ही बंद हो जाता हैं I डिसमेनोरिया की शिकार सबसे ज्यादा वह महिलायें होती हैं जो बहुत कम एक्टिव होती हैं या फिर इसके कुछ और कारण भी हो सकते हैं I आइये जानते हैं –

क्यों होती हैं डिसमेनोरिया –

गर्भाशय से प्रास्टाग्लैन्डिन रसायन अधिक मात्रा में बनना |

आलसी जीवन, व्यायाम की कमी |

जो महिलाएं कब्ज, पेट में गैस बनने की समस्या से ग्रस्त होती हैं उनमें डिसमेनोरिया की ज्यादा संभावना होती है |

गर्भाशय में रसोली,फाइब्रायड़होना, प्रजनन अंगो में इंफेक्शन, अंडाशयमें सिस्ट, ट्यूमर होना |

कुछ महिलाओं को मरोड के साथ दर्द होता है इसे स्पासमोडिक डिसमेनोरिया कहते हैं |

 

निम्न कारण हो सकते है –

कुछ महिलाएं कॉपर टी लगवाती है इससे भी डिसमेनोरिया होने की संभावना बढ़ जाती है |

गर्भाशय में रूकावट, गर्भाशय ग्रीवा सकरी होने से या फिर गर्भाशय के पीछे झुके होने से स्त्राव निकलनें में दिक्कत होने के कारण ये समस्या हो सकती है |
कुछ महिलाएं स्वभाव से डरी, सहमी या तनावग्रस्त होती है इससे भी है डिसमेनोरिया ग्रस्त हो जाती हैं |

 

घरेलू उपचार –

डिसमेनोरिया ग्रस्त युवती ,महिला को हर माह मेन्सेस शुरू होने से एक सप्ताह पहले से ही नमक कम खाना चाहिये |

इन दिनों किशोरियों को मुंहासे भी अधिक परेशान करते हैं यह ऐसा एंड्रोजन नामक हार्मोन के उत्पादन में वृध्दि की वजह से होता है | यह त्वचा से आयल स्रवित करने का काम करता है और यह रोम छिद्रों को बंद कर देता है जिसकी वजह से मुंहासे निकलते हैं | इससे बचने के लिए मासिक शुरू होने के एक हफ्ते पहले से ही अपने चेहरे की त्वचा को साफ करने का कामशूरू कर दें |

पेट, पेडू में दर्द होने से गरम पानी से स्नान करें, तथा पेडू की सेकाई करें |

तनाव ,चिंता से दूर रहें, मेन्सस के संबंध में गलत धारणा न पालें |

इन दिनों अधिक ठंडी चीजों का सेवन न करें |

लेटते समय पैरों के नीचे तकिया लगाकर सोयें |

दूध तथा दूध से बनी चीजों का सेवन करे जिससे हार्मोन के स्तर का उतार चढाव कम होता है |

पर्याप्त मात्रा में संतुलित भोजन करें, हरी साग सब्जियां, मौसमी फलों का उचित मात्रा में सेवन करें |

मेन्सस शुरू होने से दो चार दिन पहले से आधा चम्मच हल्दी फांक कर गुनगुना पानी पी लें इससे रूका हुआ मेंन्सस भी साफ हो जाता है और अंदरूनी इंन्फेक्शन भी ठीक होता है |

अंदरूनी अंगो की सफाई बराबर रखें, किसी एंटी वैक्टीरियल सोप से अंडरगर्मेंट साफ करें | वरना इंन्फेक्शन के चांसेस बढ़ सकते हैं |

किसी-किसी को मासिक धर्म के समय पेडू में दर्द एवं ऐठन होता है इसके कई कारण हो सकते है | यदि अधिक तकलीफ हो तो डॉक्टर की सलाह लें, कई बार घरेलू उपाय से भी ठीक हो सकता है –

घरेलू उपाय –

गुड, अजवाइन का हलवा बनाकर खाने से पेडू में होने वाला दर्द एवं ऐठन तथा आने वाला मासिक धर्म ठीक हो सकता है |

मासिक धर्म के समय जांघों का दर्द हो, तो नीम के पत्ते 5 ग्राम अदरक का रस 10 ग्राम इसमें इतना ही पानी मिलाकर इस काढे को जरूरत अनुसार दो चार बार पियें |

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