पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने दिया अनुपम खेर को वीजा का ऑफ़र लेकिन अनुपम ने किया मना –

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नई दिल्ली- बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता अनुपम खेर को पाकिस्तान के द्वारा वीजा न दिए जाने के मामले में ने बुधवार को एक रोचक मोड़ ले लिए है । बता दें कि पाकिस्तान के करांची में आयोजित 5 फरवरी को होने जा रहे कराची लिट्रेचर फेस्टिवल में शामिल होने के लिए बुलाया गया था। लेकिन पाकिस्तान ने 18 में से 17 लोगों को वीजा दे दिया है लेकिन अनुपम खेर को वीजा देने से मना कर दिया था । लेकिन अब वीजा नहीं दिए जाने के मामले में बुधवार को रोचक मोड़ आ गया। अभिनेता अनुपम खेर ने भारत में पदस्थ पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित को फोन कर कराची दौरे के लिए वीजा दिए जाने के ऑफर को विनम्रतापूर्वक ठुकरा दिया है।

अभिनेता अनुपम खेर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा है, मुझे कॉल करने व कराची दौरे के लिए वीजा का प्रस्ताव देने के लिए अब्दुल बासित जी धन्यवाद। इसके लिए आपकी प्रशंसा करता हूं। लेकिन दुर्भाग्य से वहां जाने का समय निकल चुका है। आपको बता दें कि
इससे पहले पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने अभिनेता अनुपम खेर को फोन किया था। फोन करके उन्होंने खेर को कराची लिट्रेचर फेस्टिवल में शामिल होने के लिए पाक वीजा देने का ऑफर दिया था।

यहाँ पर आपको यह जानना बहुत आवश्यक है कि करांची में होने वाले साहित्य सम्मेलन में अभिनेता अनुपम खेर को बुलाया गया था लेकिन बाद में उनका वीजा कन्फर्म नहीं हुआ जिसकी वजह से उन्होंने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें आयोजकों को उन्हें बुलाने से मना किया था।

पूरे मामले को लेकर मंगलवार शाम को अनुपम खेर ने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करते हुए कहा कि पिछले 15 दिनों से मेरे वीजा के पेपर तैयार हैं। मैं किसी से नाराज नहीं हूं लेकिन दुखी हूं। वीजा के लिए मैंने नहीं बल्कि आयोजकों ने आवेदन दिया था। आयोजकों ने मुझे बताया कि पाक अधिकारियों ने उन्‍हें कहा था कि सम्‍मेलन में मुझे ना बुलाएं।

अनुपम खेर ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि मैं बॉलीवुड का पहला व्‍यक्ति था जिसने पेशावर स्‍कूल पर हुए हमले की निंदा की थी। मैं जानना चाहता हूं मेरे अलावा जिन लोगों को कराची बुलाया गया था वो मुझे वीजा ना दिए जाने को लेकर क्‍या सोचते हैं। मुझे अगर भविष्‍य में वीजा दिया जाता है तो मैं पाक जाने को तैयार हूं।

उन्‍होंने कहा कि मेरे वीजा के लिए आयोजक की तरफ से आवेदन दिया गया था, लेकिन उसे नकार दिया गया। अनुपम ने आशंका जताई कि हो सकता है उन्‍हें वीजा उनके कश्‍मीरी पंडितों को लेकर नजरिये या फिर पीएम मोदी का समर्थन करने की वजह से नहीं दिया गया हो

वहीं आयोजकों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वीजा के लिए आवेदन देने पर यह कहते हुए उसे लौटा दिया गया कि इसके लिए इस्‍लामाबाद से क्लियरेंस नहीं मिला है।

आपको बता दें कि अनुपम खेर को कराची में 5 फरवरी को होने जा रहे कराची लिट्रेचर फेस्टिवल में शामिल होने के लिए बुलाया गया था। इस लिट्रेचर फेस्टिवल में भारत के 18 लोगों को निमंत्रण भेजा गया था जिनमें से अनुपम खेर भी थे। जिन्‍हें निमंत्रण मिला था उनमें से 17 को तो कराची जाने के लिए वीजा मिल गया लेकिन अनुपम खेर को नहीं मिला।

इसे लेकर अनुपम खेर ने कहा कि 18 में से 17 प्रतिभागियों को वीजा दे दिया गया, लेकिन मुझे नहीं मिला इस बात से मैं काफी निराश हूं। वहीं पाकिस्‍तान उच्‍चायोग ने अपनी सफाई में बयान देते हुए कहा था कि उन्‍हें अनुपम खेर की तरफ से वीजा के लिए कोई आवेदन नहीं मिला है।

पाक द्वारा खेर को वीजा नहीं दिए जाने को लेकर सवाल उठाते हुए पूर्व गृह सचिव आरके सिंह ने कहा कि अनुपम खेर को वीजा नहीं देना पाकिस्‍तान की तरफ से विरोधाभासी सिग्‍नल दे रहा है।

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