पलट गया पाकिस्तान : 26/11 मामले में मांगे और सबूत और कहा अगर एजेंडे में कश्मीर नहीं तो भारत के साथ बात नहीं

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The Prime Minister, Shri Narendra Modi meeting the Prime Minister of Pakistan, Mr. Nawaz Sharif, in Ufa, Russia on July 10, 2015.
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के साथ रूस के उफ़ा में हाथ मिलाते हुए नवाज शरीफ प्रधानमंत्री पाकिस्तान (photo credit : PIB)

अक्सर अपनी बातों से पलट जाने वाले पाकिस्तान ने आज एक बार फिर पलटी मार ली हैं, आपको ज्ञात हो कि हाल ही में रूस के ऊफा में भारत के प्रधानमंत्री श्री मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री श्री नवाज शरीफ के बीच मुलाकात हुई थी और बातचीत भी हुई थी I बातचीत के दौरान कई अहम मामलों पर विचार विमर्श भी हुआ था I और कई समझौतों पर बातचीत भी हुई थी I और दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की मुलाकात के बाद यह कयास लगाये जा रहे थे कि अब दोनों देशों के बीच हालात सही हो सकते हैं I लेकिन उन सभी वादों और बातों को भूल आज पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज ने कहा हैं कि उफ़ा में भारत के प्रधानमंत्री श्री मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री श्री नवाज शरीफ के बीच कोई आधिकारिक बातचीत की शरुआत नहीं हुई हैं I

इतना ही नहीं प्रधानमंत्री श्री मोदी के साथ जिस मुंबई के 26/11 मामले की पुनः ठीक से जाँच करने की बात पर और उस केस पर ध्यान देने की बात जो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कही थी उसे भी उन्होंने भुला दिया हैं और 26/11 हमलें में और सबूतों की जरूरत बताते हुए सबूतों की मांग को दोहराया हैं I

आपको बता दें कि इतना ही नहीं पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज ने कहा हैं कि भारत और पाकिस्तान की बातचीत तभी हो सकती हैं जब दोनों देशों के बीच बातचीत के मुद्दों में कश्मीर पर भी बात हो I अगर दोनों देशों के बीच कश्मीर पर बात नहीं होगी तो भारत के साथ बातचीत संभव नहीं हैं I

आपको बता दें कि भारत पहले ही इस मामले में पाकिस्तान को पर्याप्त सबूत दे चुका हैं I लेकिन फिर अभी तक पाकिस्तान की अदालतों ने और पाकिस्तान की सरकार ने उन आतंकियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की हैं I

इधर दिल्ली में आपको बता दें की पाकिस्तान के हाईकमिश्नर अब्दुल बासित ने इस बार 21 जुलाई को होने वाले ईद के कार्यक्रम में अलगाववादी हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं को भी बुलाया हैं I आपको बता दें कि इससे पहले रूस में प्रधानमंत्री श्री मोदी और नवाज शरीफ के बीच मुलाकात होने पर बासित ने इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया था I लेकिन पाकिस्तानी NSA के इस कदम के बाद उन्होंने ईद मिलन का न्यौता अलगाववादी नेताओं को भेज दिया हैं I आपको ज्ञात ही होगा कि पिछले साल अगस्त 2014 में अब्दुल बासित के हुर्रियत नेताओं को बुलाने पर ही भारत सरकार ने कड़ा ऐतराज जताया था और तुरंत ही सेक्रेटरी लेवल की बातचीत रद्द कर दी थी।

ऐसे हालातों को देखते हुए तो पाकिस्तान की मनसा पर ही शंका होती हैं ? ऐसा लगता ही नहीं हैं कि पाकिस्तान भारत के साथ संबंधों को लेकर आगे बढ़ना ही नहीं चाहता हैं I

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