आखिर भारत के सामने पाकिस्तान ने टेक ही दिए घुटने, हाफ़िज़ सईद को पहली बार बताया आतंकी

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इस्लामाबाद- पूरी दुनिया में आतंक का महिमा मंडन करने वाला हाफ़िज़ सईद अब धीरे-धीरे मुश्किल में फंसता दिख रहा है | दरअसल आपको बता दें कि भारतीय और अमेरिकी दबाव के सामने अब पाकिस्तान ने घुटने टेक ही दिए है और अपने सबसे पसंदीदा अराजक तत्त्व हाफ़िज़ सईद का नाम भी उसने एटीए की लिस्ट में डाल दिया है |

डॉन न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने सईद और उसके करीबी सहयोगी काजी काशिफ को आतंकवाद निरोधक कानून (एटीए) की चौथी अनुसूची में डाल दिया है |

आपको यह भी बता देते है कि, पाकिस्तान में एटीए की चौथी अनुसूची में नाम शामिल होना इस बात का सबूत है कि संबंधित व्यक्ति का आतंकवाद से कोई ना कोई वास्ता रहा है| इस अनुसूची में शामिल लोगों को विदेश यात्राओं पर प्रतिबंध झेलना पड़ता है| साथ ही उनकी संपत्तियों की भी जांच की जाती है, अनुसूची के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर तीन साल की कैद और जुर्माना या दोनों हो सकते है|

सईद 30 जनवरी 2017 से ही नजरबंद है | इससे पहले सईद को मुंबई हमलों के बाद 2008 में भी नजरबंद किया गया था | लेकिन 2009 में कोर्ट के आदेश पर उसे रिहा कर दिया गया था |

आखिर अचानक से हीरो कैसे बन गया विलेन-
अभी तक पाकिस्तान का सबसे बड़ा धार्मिक नेता और पाकिस्तानी सरकार का सबसे बड़ा शुभचिंतक अचानक से कैसे मौत का सौदागर और पाकिस्तान सरकार का सबसे बड़ा दुश्मन कैसे बन गया ? यह एक बड़ा सवाल है ! इस पर अगर हम गौर करते है तो एक बात खुलकर सामने आती है कि जिस तरह से भारत में मोदी सरकार के आने के बाद सभी अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत ने पाकिस्तान के दूसरे चेहरे (आतंक परस्त) को आम जनमानस के सामने पस्तुत किया है उससे पाकिस्तान बैकफुट पर नजर आ रहा है |

इसके अलावा 2 दिन पहले पाकिस्तान की शाहबाज कलंदर दरगाह पर हुए हमले में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी |इसके चलते पाकिस्तान सरकार पर आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई का घरेलू दवाब भी था | साथ ही अमेरिकी प्रेसीडेंट ट्रंप की तरफ से पाक पर आतंकी संगठनों को पनाह देने पर उल्टी कार्रवाई का डर, भारत द्वारा इंटरनेशनल फोरम पर पाक की घेराबंदी भी सईद को आतंकी मानने के पीछे की वजह मानी जा रही हैं|
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