साल 2025 तक पाकिस्तान परमाणु हथियारों के मामले में बन जायगा दुनिया का पाँचवा सबसे बड़ा मुल्क

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pakistanदुनिया का सबसे बदमाश या फिर शरारती देश पाकिस्तान छोटे सामरिक परमाणु हथियारों के मामले में लगातार बढ़ोत्तरी कर रहा है और इतना ही नहीं कई अख़बारों और वेबसाईट पर छपी खबरों के अनुसार तो पाकिस्तान इन हथियारों के इस्तेमाल के मामले पर किसी भी प्रकार की पाबंदी को भी स्वीकार नहीं करेगा। इस बात की जानकारी पाकिस्तान के अधिकारियों ने दी है और कहा है कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ मुलाकात के दौरान उन्हें पाकिस्तान के इस पक्ष से अवगत करांएगें।

पाकिस्तानी सेना और उसकी सरकार का ऐसा मानना है कि उसके छोटे हथियार उसके पडोसी देश अर्थात भारत की तरफ से अचानक होने वाले आक्रमण को रोकने के काम में आयेंगे I लेकिन पाकिस्तान के इस तरह इरादों से अमेरिका काफी चिंतित है I अमेरिकी सरकार भारत और पाकिस्तान दोनों ही देशों के मध्य शांति स्थापित करना चाहता है I आपको बता दें कि आज पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और अमेरकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की मुलाक़ात का कार्यक्रम व्हाईट हाउस में रखा गया है I

सूत्रों से प्राप्त खबर के अनुसार पाकिस्तान जिस तरह से अपने परमाणु हथियारो में लगातार बढ़ोत्तरी कर रहा है उससे अमेरिका काफी अधिक चिंतित है I अमेरिकी राष्ट्रपति का हमेशा से ही प्रयास रहा है कि एशिया में शांति बनी रहे I अमेरिका पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करते हुए पाकिस्तान को आठ एफ-16 लडाकू विमान बेचने की तैयारी में है।

गौरतलब है कि अमेरिका की सबसे ताजा न्यूक्लियर नोट बुक ‘बुलेटिन आफ द एटामिक साइंटिस्ट’ की एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है कि अगले एक दशक में यानि साल 2025 तक पाकिस्तान के पास करीब 250 परमाणु हथियार हो जाएंगे, जिसके साथ ही पाकिस्तान दुनिया में परमाणु हथियारों का पांचवां सबसे बड़ा देश बन जाएगा।

वर्तमान समय में पाकिस्तान के पास 120 परमाणु हथियार हैं, जबकि भारत के केवल 100 परमाणु हथियार है। फिलहाल विश्व में सबसे ज्यादा परमाणु हथियार अमेरिका व रूस के पास हैं।

अमेरिकी थिंक टैंक की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2011 में पाकिस्तान के पास करीब 90 से 110 परमाणु हथियारों  का जखीरा मौजूद था, जो कि अब बढ़ कर 110 से 130 तक पहुंच चुका है और साल 2025 आने तक यह देश पांचवी सबसे बड़ी परमाणु शक्ति बन सकता है।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के अमेरिकी यात्रा के दौरान जारी बुलेटिन में ‘पाकिस्तानी परमाणु शक्तियां 2025′ नाम से प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। इसमें कहा गया है कि तमाम तरह की वितरण प्रणालियों के विकास को देखते हुए, जिसमें चार ऑपरेटिंग प्लूटोनियम उत्पादन रिएक्टर और यूरेनियम संवर्धन इकाइयां भी शामिल हैं, अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगले 10 वर्षों में देश के परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ेगा, हालांकि यह कई बातों पर निर्भर करेगा जैसे कि पाकिस्तान कितने परमाणु सक्षम लॉन्चर तैनात करने की योजना बना रहा है और भारत के परमाणु हथियारों का जखीरा किस रफ्तार से बढ़ता है।

इस रिपोर्ट में यह भी साफ किया है कि पाक के पास इस समय छह तरह की परमाणविक क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइलें हो सकती हैं और कम से कम दो मिसाइलों, छोटी दूरी की शाहीन-1ए और मध्यम दूरी की शाहीन-3, पर अभी काम चल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘पाकिस्तान के ऐटमी हथियारों के जखीरे की सबसे विवादास्पद नई परमाणु सक्षम मिसाइलों में एनएएसआर (हत्फ,9) भी शामिल है, जो कि एक छोटी दूरी की सॉलिड फ्यूल मिसाइल है। इस मिसाइल की मारक क्षमता सिर्फ 60 किलोमीटर तक की है। भारत के अंदरूनी ठिकानों पर इस छोटी दूरी की मिसाइल से हमला नहीं किया जा सकता, इसलिए लगता है कि यह युद्धक्षेत्र में भारतीय सैनिकों के खिलाफ इस्तेमाल के लिए बनाई गई है।’

 

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