जिले के गौरव थे पंडित शिरीष चंद दीक्षित

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श्री  राम मंदिर की अगुवाई करने वाले प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक और वाराणसी के बीजेपी सांसद रह चुके श्री चंद दीक्षित किसी परिचय के मोहताज नहीं है पंडित रमा विलास दीक्षित एडवोकेट रायबरेली के दूसरे पुत्र श्री चंद दीक्षित का जन्म 29 दिसंबर 1930 में हुआ था बड़े भाई जगदीश चंद्र दीक्षित भी वकील थे दीक्षित जी के छोटे भाइयों ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर सरकारी सेवा में उच्च पदवी ग्रहण की दीक्षित जी की प्रारंभिक शिक्षा रायबरेली में लेने के बाद पहले कान्यकुब्ज कॉल एस तथा फिर लखनऊ यूनिवर्सिटी में पड़े तथा हाई स्कूल m.a. इंग्लिश और LLB की डिग्री प्राप्त की शिक्षा समाप्त कर आप पहले से पीसीएस की परीक्षा में उत्तीर्ण में और फिर 1950 में IPS में उत्तर होकर उत्तर प्रदेश पुलिस की सेवा में कार्यरत रहे इसी दौरान आपका विवाह मध्य प्रदेश के एक संभ्रांत परिवार में पंडित रमाशंकर शुक्ल की बड़ी बेटी उमा जी के साथ उन्होंने जीवन पर्यंत श्री चंद दीक्षित के साथ रहकर सारी पारिवारिक जिम्मेदारी का कर्तव्य निभाया और अपने 5 बच्चों और परिवार के सभी सदस्यों को प्यार दुलार दिया और जीने बढ़ने की प्रेरणा दी |

भारतीय पुलिस की सेवा में रहते हुए शिरीष चंद जी प्रदेश के सभी बड़े जिलों जैसे बाराबंकी फैजाबाद मुरादाबाद एटा अलीगढ़ वाराणसी लखनऊ की आदि स्थानों में रहे और केंद्र सरकार में इंटेलीजेंस ब्यूरो भी उच्च पद पर आसीन रहे आपकी पुलिस में रहते हुए आपकी उच्च सेवाओं के लिए 1973 में इंडियन पुलिस में डलवा 1980 में राष्ट्रपति द्वारा पुलिस मेडल प्रदान किया गया में अपने उत्तर प्रदेश पुलिस के सर्वोच्च पद पुलिस महानिदेशक पद पर आसीन होकर प्रदेश को गौरवान्वित किया श्री चंद दीक्षित जी भगवान राम के परम भक्त थे इसीलिए पुलिस की सेवा से सेवा निवृत होकर अयोध्या आंदोलन से जुड़ गए यह आपकी अत्यंत लग्न व समर्पण का ही परिणाम था किस सन 1990 में अयोध्या में सख्त नाकाबंदी और निगरानी के बाद भी उन्होंने अयोध्या पहुंच कर वहां कार सेवा की और श्री राम के मंदिर की आधारशिला रखी बाद में दीक्षित जी वाराणसी से भारतीय जनता पार्टी के सांसद चुने गए और 1974 से 1999 तक लोकसभा में राम मंदिर का विषय जीवन तथा आप का देहांत 8 अप्रैल 2014 रायबरेली में तथा पत्नी उमरा दीक्षित जी का देहांत 3 जुलाई 2016 को हैदराबाद में हुआ |

अवकाश प्राप्ति के बाद दीक्षित रायबरेली के प्रभु स्थित आवास पर रहे उन्होंने जिले की जनता से आदर सम्मान दिया विभिन्न संगठनों ने एक दर्जन से अधिक सम्मान से सम्मानित किया गया उनकी बेबाक वार्ता से प्रभावित रहे श्री चंद जी के छोटे भाई सतीश चंद्र दीक्षित पीसीएस वह बाद में डीडीए के उच्च पद से सेवा निवृत हुए उनकी पुत्री श्रीमती शोभा दीक्षित लखनऊ हाई कोर्ट में जज की पत्नी से रिटायर हुई दूसरे भाई प्रेम किशन दीक्षित भारतीय रेल सेना में एजीएम मध्य रेलवे से रिटायर हुए और तीसरे भाई गोपाल दीक्षित जी IAS में दिल्ली सरकार से सेवानिवृत्त हुए बहन माधुरी वह माया का विवाह भी संभ्रांत परिवार में हुआ श्री दीक्षित जी ने 5 बच्चों में भी शिक्षा ग्रहण कर व उच्च स्थान प्राप्त कर परिवार को गौरवान्वित किया |

पुत्री बेला भारतीय रेलवे एकाउंट्स सर्विस से निवृत होकर रेलवे लाइन ट्रिप ट्रिब्यूनल में जज का काम किया और फिर सेवानिवृत्त हो गए बड़े बेटे विजय दीक्षित अपोलो अस्पताल में उच्च पद पर हार्ट सर्जन हैं जिन्होंने हर्ट सर्जरी में कई कीर्तिमान स्थापित किए देती वंदना व अर्चना राजपूत प्रदेशों पर आसीन हैं छोटे बेटा अनुपम दीक्षित देश विदेश में विभिन्न कंपनियों में काम करके बेंगलुरू की कंपनी में चीफ के पद पर विराजमान है सभी का विवाह संभ्रांत परिवार में हुआ और आज भी बच्चे का परिवार जन मां और पिताजी के श्रद्धांजलि दे कर गौरवान्वित हैं

लेखन- ओमप्रकाश मिश्रा

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