राजनादगांव शिक्षा लोन मेला में बड़ी संख्या में पहुंचे पालक एवं विद्यार्थी

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राजनांदगांव/छत्तीसगढ़(राज्य ब्यूरो)- राजनादगांव कलेक्टर भीम सिंह ने आज 10 अगस्त को पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडीटोरियम राजनांदगांव में आयोजित शिक्षा लोन मेला में उपस्थित लगभग 500 विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन कर उन्हें लगन से पढ़ाई करने की सलाह दी। इस मेले में कलेक्टर भीम सिंह ने कहा कि शिक्षा लोन निमन्य मध्यम वर्ग के बच्चों को अपनी पढ़ाई जारी रखने और पढ़ लिखकर आगे बढ़ाने का सशक्त एवं कारगर माध्यम है। राज्य सरकार भी ऐसे निमन्य मध्यम वर्गीय तबके के बच्चों को पढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना चला रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा लोन के माध्यम से गरीब परिवार के असंख्य होनहार विद्यार्थियों अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण इच्छित विषयों की पढ़ाई नहीं कर पाते हैं, उन्हें बैंकों द्वारा रियायती ब्याज दरों पर लोन के रूप में पढ़ाई के लिए अहम सहयोग दिया जाता है।

श्री भीम सिंह ने बैंक अधिकारियों को आज शिक्षा लोन मेला में प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर 20 दिनों के भीतर ऋण स्वीकृति की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक मूर्ति, देना बैंक के डिप्टी जोनल मैनेजर बृजमोहन मीणा भी विशेष रूप से उपस्थित थे।

कलेक्टर ने शिक्षा लोन मेले में उपस्थिति विद्यार्थियों को व्यवसायिक पाठ्यक्रमों सहित तकनीकी विषयों के स्नातक एवं स्नात्तकोत्तर पाठ्यक्रमों के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित विद्यार्थियों को भी शिक्षा लोन के बारे में जानकारी दी। कलेक्टर ने बैंक अधिकारियों को मेले में उपस्थित बच्चों को शिक्षा लोन हेतु लगने वाले आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी देने के निर्देश भी दिए। बच्चों के द्वारा लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज आज नहीं ला पाने की स्थिति में संबंधित दस्तावेज एक-दो दिन बाद में भी जमा करने के निर्देश भी कलेक्टर ने बैंक अधिकारियों को दिए। उन्होनें बैंक अधिकारियों को आज लोन मेला में उपस्थित अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा लोन स्वीकृत करने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर ने विद्यार्थियों एवं उनके पालकों को शिक्षा लोन के महत्व के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा लोन लेने वाले विद्यार्थियों को अपने पढ़ाई पूरी करते तक शिक्षा लोन को पटाने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। उन्होनें बताया कि राजनांदगांव जिले के नक्सल प्रभावित होने के कारण यहां के विद्यार्थियों को पढ़ाई पूरी करने के एक साल बाद या एक साल में रोजगार उपलब्ध हो जाने के बाद एक प्रतिशत की ब्याज दर पर शिक्षा लोन का भुगतान करना होगा। उन्होनें बताया कि साढ़े सात लाख रूपए तक के शिक्षा ऋण के लिए किसी भी तरह की मार्जिन मनी जमा करने की जरूरत नहीं है।

इस दौरान उन्होनें शिक्षा लोन के लिए पहुंचे राष्ट्रीय स्तर एवं राज्य के महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थाओं के लिए चयनित विद्यार्थियों से चर्चा भी की। उन्होनें बैंक अधिकारियों को प्राथमिकता के साथ इन होनहार बच्चों को शिक्षा लोन स्वीकृत कर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोगी बनने को कहा। कलेक्टर भीम सिंह ने जिला कार्यालय राजनांदगांव में विद्यार्थियों को प्राथमिकता के साथ शिक्षा लोन प्रदान करने के लिए सेल भी गठित करने की जानकारी दी। उन्होनें बताया कि जिला कार्यालय में पदस्थ संयुक्त कलेक्टर रेणुका श्रीवास्तव को इसका प्रभारी बनाया गया है। कलेक्टर सिंह ने कहा कि विद्यार्थी आज के इस शिक्षा लोन मेला के अलावा दूसरे दिन भी बैंकों में संपर्क कर शिक्षा लोन प्राप्त कर सकते है।

इस दौरान ग्राम जनकपुर विकासखंड डोंगरगढ़ निवासी नारदराम साहू द्वारा उनके पुत्र सुनील कुमार के बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई हेतु शिक्षा लोन स्वीकृत नहीं होने की जानकारी देने पर कलेक्टर ने बैंक अधिकारियों को मामले की जांच कर तत्काल शिक्षा लोन स्वीकृत करने के निर्देश भी दिए। शिक्षा लोन मेला में पालकों के द्वारा ऋण स्वीकृति में कठिनाई होने की जानकारी कलेक्टर भीम सिंह को दी। कलेक्टर भीम सिंह ने बैंक अधिकारियों को मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर पात्रतानुसार संबंधित आवेदक को तत्काल शिक्षा लोन स्वीकृत करने कहा। इस दौरान ऑडिटोरियम परिसर में विभिन्न बैंकों के द्वारा विद्यार्थियों को शिक्षा लोन प्रदान करने हेतु स्टॉल भी लगाये गये थे। इस दौरान जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री प्रकाश जाधव, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री तारकेश्वर देवांगन सहित बैंक अधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में विद्यार्थी, पालक एवं आम नागरिक उपस्थित थे।

रिपोर्ट- महेंद्र शर्मा (बंटी)/हरदीप छाबड़ा

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