शासन और प्रशासन और कितनी मौतो के इंतजार के बाद जागेगा, बिहारपुर क्षेत्र में हो रहे मलेरिया से मौत का सिलसिला अब तक जारी

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सूरजपुर (ब्यूरो) जिला मुख्यालय के सुदुर अंचल क्षेत्र कहे जाने वाले बिहारपुर क्षेत्र में इनदिनों मलेरिया बुखार से मौत का सिलसिला थमने का नाम ही नही ले रहा है वहिं प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य कैंप लगाकर लगातार मलेरिया पीड़ितों के स्वास्थ्य में सुधार होने का दावा किया जा रहा है परंतु यह सभी दावे बिहारपुर में बढते मौत के आंकडो से खोखले साबित होते दिखाई दे रहे हैं जिस कारण प्रशासन द्वारा लगाये गये स्वास्थ्य कैंप पर भी उंगलिया उठना शुरू हो गया है

विदित हो की बिहारपुर क्षेत्र में मौत का सिलसिला लगतार जारी है , वहिं मलेरिया से मरने वालों कि संख्या अब बढ़कर 14 पहुच गई है | क्या शासन और प्रशासन और मौतो को देखने के इंतजार में है ।मलेरिया की रोकथाम पर न शासन ध्यान दे रहा न प्रसाशन । न जाने अब मौत पर कौन जाने वाला है

सूत्रों से प्रॉप्त जानकारी के अनुसार आरती वैश्य पिता रमाशंकर वैश्य उम्र लगभग 03 वर्ष निवासी ग्राम पंचायत अकान्तिकापुर की आज सुबह लगभग 3:30 बजे के आसपास मलेरिया बुखार से मृत्यु हो गई । वही सूत्रों ने यह भी बताया की मृतक आरती को गत दो तीन दिनों से बुखार था जिसका इलाज स्वास्थ्य विभाग के कोल्हुआ कैम्प में चल रहा था जिसकी स्थिति गम्भीर होने पर उसके परिजनों द्वारा निजी वाहन से आज इलाज कराने हेतु बैढन हॉस्पिटल ले जाया जा रहा था इसी बीच रास्ते में उसकी सांसे थम गई ।

ज्ञात हो की ओड़गी विकास खण्ड के बिहारपुर चांदनी क्षेत्र में इनदिनों जिला से संभाग तक के प्रशासनिक अधिकारीयो के साथ सत्ताधारी एवम विपक्ष पार्टी के नेता, मंत्री ,विधायक द्वारा दौरा कर मलेरिया पीडित क्षेत्र का जायजा लिया जा रहा है, तथा प्रशासनिक उच्च अधिकारियों की माने तो इस क्षेत्र के कई स्थानों पर चिकित्सकों का दल स्वास्थ्य शिविर लगाकर मलेरिया जाँच कर निःशुल्क दवाओं का वितरण कर रहे है तो वही दूसरी तरफ ग्रामीणों द्वारा इन स्वास्थ्य शिविरों पर ऊँगली उठाया जा रहा है ।उनका कहना है स्वास्थ्य जांच शिविर में जिन चिकित्सको की ड्यूटी लगाई गई है उनके दवारा ही इलाज में लापरवाही बरती जा रही है तभी तो एक के बाद एक मौत सामने आ रही है ।ग्रामीणों का तो यहां कहना है कि स्वास्थ्य कैम्प में तैनात चिकित्सक सिर्फ औपचारिकता पूर्ण करने के ड्यूटी कर रहे है वास्तव में क्षेत्र में फैली मलेरिया पर नियंत्रण पाया जा रहा है उसका मुख्य श्रेय जमीनी स्तर के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओ का है ।

स्वास्थ्य संयोजक( पुरुष) की भूमिका सराहनीय
बिहारपुर चांदनी क्षेत्र के कोल्हुआ में मलेरिया बुखार से सात लोगो की मौत के बाद प्रशासन की कुम्भकर्णीय निद्रा खुली और आनन फानन में प्रभावित गावो में कैम्प लगाकर ग्रामीणों का जांच व् उपचार मुहैया कराया गया जिसमेN स्वास्थ्य विभाग के साथ विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई जिसमे स्वास्थ्य विभाग के जिले भर से पुरुष स्वास्थ्य संयोजको की ड्यूटी भी विगत सप्ताह भर पूर्व से ही प्रभावित क्षेत्रों में लगाई गई है जिनके द्वारा कठिन एवं दुर्गम पहाडी क्षेत्रों में पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभाया जा रहा है ।वहिं इस मलेरिया नियंत्रणअभियान में सबसे ज्यादा मेहनत स्वास्थ्य विभाग का आरएचओ वर्ग कर रहे हैं जिनके द्वारा जंगली जानवरों के खतरे के बाद भी दुर्गम पहाडी व नदी नालों को पैदल पार कर पूरी निष्ठा से सेवाएं दी जा रही है। वहीँ इन कर्मचारियों को रक्षाबंधन जैसा महत्वपूर्ण त्यौहार में अपने घर पहुंच न पाने पर भी अपनी जिम्मेदारी,जनसेवा की भावना को प्राथमिकता देने की सोच सराहनीय है।

भोजन एवम आवास की उचित व्यवस्था भी नही
सूत्रों की अगर माने तो मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में कर्मचारियों को आवास और भोजन की समुचित व्यवस्था उपलब्ध नही है इसके बावजूद भी तृतीय वर्ग के कर्मचारियों द्वारा मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में रहकर अपनी जान को जोखिम में डालकर पीडितों की सेवा पूरे उत्साह एवम लगन के साथ किया जा रहा है।

रिपोर्ट – अजय तिवारी/हरदीप छाबड़ा

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