आखिर सच आ ही गया सामने,पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में उठे आज़ादी के स्वर

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वर्ष 1947 में जब जम्मू-कश्मीर रियासत के महाराजा हरि सिंह ने भारत में विलय करने का निर्णय लिया था, उस समय पाकिस्तान के तथाकथित कायदे आज़म मोहम्मद अली जिन्ना की एक घिनौनी हरकत ने मानवता को शर्मशार कर दिया था, क्योंकि पाकिस्तान के तथाकथित कायदे आज़म ने दुनिया के सभी संविधानों और मानवता की मर्यादाओं को ताख पर रखते हुए जम्मू-कश्मीर में कबायलियों के द्वारा भीषण नर संहार करवाया था और इतना ही नहीं जब भारत ने अपनी सेना के द्वारा इन कबायलियों को ठिकाने लगाना प्रारंभ किया था, तब पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में अपनी सेना भेज युद्ध प्रारंभ कर दिया I और तब यूनाइटेड नेशन में यह मामला चला गया था जहाँ अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है I जिसके बाद यूनाइटेड नेशन ने हस्तक्षेप करके युद्ध विराम करवाया था I

हालाँकि उस समय पाकिस्तान को मदद करने वाले कश्मीर के मुसलमान भी थे लेकिन आज हालात बदल चुके हैं I लोगों के भीतर आगे बढ़ने की चाह दुनिया के साथ कदम से कदम मिला कर चलने की इच्छा बलवती हो चुकी है I पाकिस्तान जिस कश्मीर को अभी तक जोर जबरदस्ती, आतंक और सेना की मदद से अपने हिस्से में किये हुए था और इतना ही नहीं कश्मीर के लाखों जवान बच्चों को कभी जिहाद के नाम पर तो कभी कश्मीर की आज़ादी के नाम भारत के विरुद्ध हथियार की तरह से इस्तेमाल कर रहा था, अब उन सब ने जब ऐसा करने से मना कर दिया तो पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI और पाकिस्तानी सेना उन नौजवानों के उपर कहर बन कर टूट रही है I

पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी की इन्ही नापाक हरकतों की वजह से आज पाक अधिकृत कश्मीर (POK) में आज़ादी की जंग छिड़ चुकी है I अब पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान का घिनौना चेहरा बिलकुल साफ़ हो रहा है I विश्वपटल पर अब यह साफ़ हो रहा है कि जिस POK को वह आज़ाद कश्मीर कह रहा है वास्तव में वहां की जनता के साथ पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तानी खुफियां एजेंसी कैसा दोहरा और घिनौना रवैया अख्तियार कर रही है I जिस तथाकथित आज़ाद कश्मीर में अपनी चुनी हुई सरकार है उस कश्मीर की हालत बद से बदतर होती जा रही है I नतीजतन अब कश्मीर के बूढ़े-जवान, पुरुष और महिलायें सभी अपने और अपने आने वाले कल के लिए अपने भारत वापस आना चाहते है I उन्हें इस बात का एहसास हो चुका है जिस पाकिस्तान को वह अपना मुल्क समझ कर पिछले 68 सालों से वह रह रहे हैं वास्तव में वह केवल उनका इस्तेमाल कर रहा है अपने फायदे के लिए इसके अलावा और कुछ भी नहीं I

अब देखना यह है कि क्या पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी अपनी घिनौनी हरकतों से बाज आएगी ? क्या पाकिस्तान अब भी विश्व मंच पर कश्मीर का राग अलाप पायेगा ? या फिर से इस सभी घटनाक्रम का ठीकरा पाकिस्तान भारत के ऊपर ही फोड़ेगा ?

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