ध्वस्तीकरण की नोटिस से लोगों ने फिर माँ भीमचंडी की शरण में प्रार्थना याचना की

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वाराणसी (ब्यूरो) 4/7/17 को रोहनियॉ अंतर्गत पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग के दूसरे पड़ाव भीमचंडी में सभा कर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के नोटिस का फिर एक बार विरोध किया। इसे काला कानून बताते हुए सरकार व जिला प्रशासन की कारवाई को जनता के साथ धोखा बताया।

मालूम हो कि पंचक्रोशी मार्ग के दोनों ओर पच्चास फ़िट तक दायरे में बने भवनों के निर्माण के ध्वस्तीकरण की नोटिस लोगों को दी गई है। भीमचंडी स्थित हनुमान धर्मशाला में नोटिस पाने वाले दर्जनों गाँव के सैकड़ों भूस्वामियों ने आज फिर सभाकर ज़ोरदार विरोध किया।

सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि हम कई पीढ़ियों से पंचक्रोशी मार्ग लगायत मकान बनवाकर रह रहे हैं । यहाँ पर आम आदमी पार्टी के पूर्वांचल संयोजक संजीव सिंह ने इस फ़ैसले पर कड़ा विरोध जताया और कहा कि यहाँ पर पच्चास फीट के अंदर कई धार्मिक स्थल हैं | पचासों साल से बने लोगो के मकान हैं। हम सब लोगों के घरों और काशी के अपने धार्मिक स्थल से छेड़छाड़ नहीं होने देंगे। यहाँ जुटे ग्रामीणों ने ऐलान किया है कि यदि यह फ़ैसला वापस नहीं लिया तो हम लोग बड़े पैमाने पर आंदोलन करेगे और किसी कीमत पर अपने भवन निर्माण नहीं हटायेंगे। सामाजिक कार्यकर्ता राज कुमार गुप्ता ने कहा कि पंचक्रोशी मार्ग अंग्रेजो के काले कानून से पहले का है। स्वतंत्र भारत में परतंत्रता के कानून लोगों पर थोपना ठीक नहीँ है। यहाँ जूटे लोग एक बार फिर पैदल मार्च करते हुए सामूहिक रूप में माँ भीमचंडी के शरण में पहुँचे। भीमचंडी के चौखट पर पहुँचकर सभी ने माँ से प्रार्थना करके इस प्रदेश सरकार को आसुरी ताक़त बता माँ से इनसे मुक्ति की याचना की।

इस दौरान रविशंकर रघुवंशी, मो. आरिफ, अनिल मौर्य, जितेंद्र केसरी, राजकुमार गुप्ता, सुभाष माली, विजय कुमार, बच्चेलाल, जयराम, नागेन्द्र, लालचंद्र, राजेश बंधु, रमेश, अशोक कुमार सिंह, कल्लू प्रजापति, राजन् प्रजापति, लालती मिश्रा, सावित्री, कमला, गनेश, गोपाल आदि लोग थे। संचालन मयंक ने किया अंत में धन्यवाद ज्ञापन अभय नारायण ने किया |

रिपोर्ट – रवींद्रनाथ सिंह

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