तीखी मिर्ची ने घोल दी है मोतिहारी के किसानों की जिंदगी में मिठास

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मोतिहारी/बिहार: वैसे तो मिर्ची का नाम सुनतवे ही मिजाज भन्ना जाता है, आखें लाल हो जाती हैं, बहुत तीखी जो होती है| इसी तेज मिर्ची ने अब मोतिहारी के किसानों की जिन्दगी में मिठास घोल दी है| परम्परागत खेती को छोड़ किसानों ने मिर्च की खेती शुरु किया है, जिससे इन्होंने इलाके में अपनी एक अलग पहचान बनायी है| इसके बावजूद सरकार की एजेंसी की लालफीताशाही से किसानों की फसल का उन्हें समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है|

मोतिहारी शहर से महज 18 किलोमीटर दूर कोटवा प्रखंड के ये किसान अपनी क्षमता के अनुसार राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय पूसा से बीज और जानकारी लेकर खेती कर रहे हैं| कुछ अलग कर घाटे का सौदा माने जाने वाले खेती को लाभकारी बनाने के प्रयास में हैं|

तीखी मिर्च ने इनकी जिन्दगी में मिठास घोल दी है| साथ ही आसपास के किसान भी इनसे जानकारी लेकर उन्नत खेती कर रहे हैं, सभी बहुत खुश हैं| बस इन किसानों को इनकी फसल की सही कीमत मिलने लगे तो और अच्छा होगा| कृषि विभाग के अधिकारी भी सरकार की योजनाओं से और अधिक किसानों को जुड़ने और लाभ की बात करते हैं, जिससे खेती में उन्नति के साथ-साथ बाजार भी मिलने की उम्मीद जताते हैं| सरकार को चाहिए कि किसानों के लिए बाजार उपलब्ध कराये ताकि घाटे की खेती से उब चुके किसान राज्य और जिला की प्रगति में सार्थक भूमिका निभा सके|

रिपोर्ट- आशुतोष कुमार सिंह 

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