रंग कर्मियों ने किया ‘आषाढ़ का एक दिन‘ नामक नाटक का मंचन


बलिया (ब्यूरो) तमाम विसंगतियों और विडम्बनाओं के बीच रविवार को संकल्प के रंग कर्मियों ने बापू भवन में ‘आषाढ़ का एक दिन‘ नाटक का मंचन किया तो अनायास ही मूंह से निकल पड़ा अद्भूत अविस्मरणीय। महान लोक कलाकार भिखारी ठाकुर की पुण्यतिथि के पूर्व संध्या पर संकल्प साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था बलिया द्वारा नौ जुलाई को देर शाम बापू भवन के मंच पर मोहन राकेश द्वारा लिखित आषाढ़ का एक दिन नाटक की प्रस्तुति की गयी। कालिदास और मल्लिका की अद्भूत प्रेम कथा जब मंच पर घटित हो रही थी उस समय कई ऐसे भावुक क्षण आये जब दर्शकों की आंखे नम हो गयी और गला रूंध गया।

नाटक में कालिदास के जीवन को सार्थक करने और उन्हें बुलंदियों पर ले जाने के लिए मल्लिका ने अपने जीवन को तहस नहस कर दिया। मल्लिका का जीवन पीड़ा के अथाह सागर में चला गया, जिससे वह उबर नहीं पायी। मैं टूट कर भी महसूस करती रही कि तुम बन रहे हो क्योंकि मैं अपने आपकों अपने में ना देखकर तुममें देखती थी। मल्लिका का जीवन पीड़ा के चरमोत्कर्ष पर जाता है। नाटक का अंतिम संवाद समय किसी की प्रतिक्षा नहीं करता कालिदास बोलता है और मल्लिका को हमेशा के लिए छोड़ कर चला जाता है, मल्लिका बिलख पड़ती है। कालिदास की भूमिका में अमित पाण्डेय जहां परिपक्व अभिनेता के रूप में नजर आये। वहीं विलोम आनंद कुमार चौहान ने अभिनय के नये मानक स्थापित किये। मल्लिका के रूप में स्मृति निधि बेहतरीन अभिनय से दर्शकों के दिल में अपनी जगह बनायी। वहीं अम्बिका के रूप में ट्विंकल गुप्ता ने अपनी अदाकारी से सबको चकित किया।

संतोष चतुर्वेदी, असित कुमार मिश्र व अमित पाण्डेय को संकल्प सम्मान-2017 से सम्मानित किया गया। इन्हें जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार डा.जनार्दन राय ने बुके, प्रतीक चिन्ह, अंगवस्त्रम् व सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर कलाकारों में प्रिंयगु मंजरी सोनी, मातुल सुनील शर्मा, चंदन भारद्वाज, अर्जुन, शुभम, अन्नू, अमित, राजपुरूष, बसंत, ओमप्रकाश, संदीप, उमाकांत, नीतिश पाण्डेय, राजेश साहनी, सौरभ चतुर्वेदी, आशीष त्रिवेदी ने सराहनीय योगदान दिया।

 

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY