फोरलेन मुवावजा घोटाले के मामले में लिपिक समेत 10 की जमानत याचिका खारिज

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सुलतानपुर – फोर-लेन मुआबजा घोटाला व भ्रष्टाचार के आरोप में जेल गए लिपिक समेत दस आरोपियों की तरफ से 6 मामलों में सम्बन्धित अदालतों में जमानत अर्जी प्रस्तुत की गई। जिस पर सुनवाई के पश्चात अदालतों ने आरोपियों को राहत न देते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी है।

पहला मामला- कोतवाली नगर क्षेत्र अन्तर्गत कलेक्ट्रेट में तैनात लिपिक केसरी प्रसाद श्रीवास्तव से जुड़ा हुआ है। जिसे फ़ोरलेन घोटाले के सम्बन्ध में एसडीएम लंभुआ रमेश कुमार शुक्ल के जरिये दर्ज कराये गए मुकदमें में गिरफ्तार कर दिसम्बर माह में जेल भेजने की कार्यवाही की गई थी। जिसकी तरफ से जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी पेश की गई। जिलाजज ने जमानत पर सुनवाई के लिए पत्रावली एडीजे प्रथम की अदालत पर स्थानान्तरित की थी।लेकिन उनकी कार्यशैली पर बचाव पक्ष ने असंतोष जताया तो जिलाजज ने एडीजे चतुर्थ की अदालत में मामला स्थानान्तरित कर दिया। जिनकी अदालत में केसरी प्रसाद की जमानत अर्जी पर सुनवाई चली। सत्र न्यायाधीश विनय कुमार सिंह ने इनके खिलाफ लगे अपराध को गंभीर मानते हुए जमानत खारिज कर दिया है। वहीं एसडीएम सदर, लेखपाल व कानूनगो समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका के बारे में टिप्पणी करते हुए अदालत ने वरिष्ठ अधिकारियों व विवेचक से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा जाहिर की है।

दूसरा मामला- चांदा थानाक्षेत्र का है। जहां पर हुई डकैती के बाबत आरोपी रणवीर निवासी ग्राम नगला ऊसर थाना कुरावली जनपद मैनपुरी व कृपाल निवासी रामपुर थाना शिवली, जनपद रामाबाई नगर आदि के विरूद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले में रणवीर व कृपाल की तरफ से प्रस्तुत जमानत अर्जी को एडीजे चतुर्थ की अदालत ने खारिज कर दिया है।

तीसरा मामला- संग्रामपुर थानाक्षेत्र का है। जहां पर हुए फर्जीवाड़े के मामले में आरोपी अशोक कुमार पाण्डेय उर्फ़ बब्बू पाण्डेय निवासी रामचरन पाण्डेय का पुरवा-विशेषरगंज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले में आरोपी अशोक की तरफ से प्रस्तुत जमानत अर्जी को एडीजे चतुर्थ ने खारिज कर दिया है।

चौथा मामला- बाजारशुकुल थानाक्षेत्र के डोलानगर मजरे नीमपुर गांव का है। जहां पर पेड़ काटने के विवाद को लेकर बीते 16 फरवरी को हुई मारपीट एवं हमले के बाबत रामचन्दर ने गांव के ही आरोपी बेचूलाल, बाबूलाल, धर्मराज व महेशर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। चारो आरोपियो की तरफ से जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी पेश की गई। जिस पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के तर्कों पर जिला शासकीय अधिवक्ता शुकदेव यादव ने विरोध जताया। तत्पश्चात जिला न्यायाधीश नरेश कुमार बहल ने आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

पांचवा मामला- कोतवाली देहात थानाक्षेत्र का है। जहां पर फल फूल रहे अवैध शराब कारोबार में लिप्त ओम प्रकाश सिंह निवासी पयागीपुर को कई मामलों में मुल्जिम बनाया गया है। जिसके पास से अभी हाल में ही कई लीटर शराब बरामदगी कर थानाध्यक्ष आजाद सिंह केसरी के जरिये जेल भेजने की कार्यवाही की गई थी। दो अन्य मामलों में ओम प्रकाश सिंह अंतरिम जमानत पर भी चल रहा था। जिसके क्रम में अंतरिम जमानत से जुड़े दोनों एवं अवैध शराब बरामदगी के मामले में ओम प्रकाश की तरफ से स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट की अदालत में जमानत अर्जी पेश की गई।

वहीं इसी अदालत में करौंदीकला थानाक्षेत्र से जुड़े छठवें मामले में डकैती के आरोपी नागेन्द्र सिंह की तरफ से जमानत अर्जी पेश की गई। दोनों ही मामलों में बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के तर्कों को निराधार बताते हुए शासकीय अधिवक्ता अब्दुल मोमीन ने जमानत पर विरोध जाहिर किया। तत्पश्चात स्पेशल जज जमाल मसूद अब्बासी ने आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
रिपोर्ट- दीपक मिश्र

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