पिछले तीन महीनों मे 5 अलग-अलग दुकानों मे हो चुकी है चोरी

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घण्टाघर/कानपुर (ब्यूरो)- आज एक बार फ़िर घंटाघर स्थित अलिफ टेलीकाम मे चोरी हुई।चोरी का वही तरीका अख्तियार किया गया।अभी पिछली चोरी को 15दिन ही हुए है ।पुलिस अब इतनी नाकाम है के चोर तो रात मे अपना काम करते है पर शायद पुलिस सोती रहती है ।पूरी ट्रांसपोर्ट लाइन मे पिछले 4महीनों मे कई बार चोरी हो चुकी है।पर पुलिस है के बिना कुछ किये ही अपनी पीठ थपथपा लेती है।पर चोरों तक पहुंच पाना लगता है पुलिस के लिये पहेली जैसी बात है तभी तो गत दिनो कलक्टर गंज गल्लामंडी की 6दुकानों के ताले एक साथ टूट जाते है और पुलिस को खुलासा करने मे महीनों लग जाते है।पर चोरों को दूसरी चोरी करने मे ज़रा भी समय नही लगता।

चोरों ने अब पुलिस को सीधा चैलेंज दिया है देखते है की जीत किसकी होती है। योगी जी के राज़ मे पुलिस फरयादि से करती है बदसलूकी पुलिस फरयादि से कहती है की चोरी तुम्हारी दुकान मे ही क्यों होती है।अब इन पुलिस वालो से ये पूछा जाये की जिसके यहां चोरी हुई उसे दूसरी चोरी का पता खुद पुलिस को देना होगा।रिपोर्ट लिखाने के समय अगर मीडीया न हो तो पुलिस रिपोर्ट लिखने मे भी आना कानी करती है।ये सिस्टम कब सुधरेगा कौन ऐसे पुलिस वालो पर कार्यवाही करेगा।

पुलिस की इसी दरियादिली की वजह से ही चोरों के हौसले बुलंद है और नित नई चोरीयो को अंजाम दे रहे है। रात की गश्त मे पुलिस नही करती है ।ईमानदारी से काम केवल गस्ती अगर ठीक से हो तो रोकी जा सकती है ऐसी वारदातें आर पी एफ़ और जी आर पी भी करती है लापरवाही जिन दुकानों मे चोरिया हुई है वो सारी चोरिया दुकान के पीछे से ही हुई है।और पीछे रेलवे का माल गोदाम है।साथ मे सी .पी .सी कालोनी है।इसी कालोनी मे शातिर अपराधी रहते है।यही के लड़के सारी वारदातों को अंजाम देते है।ऐसा नही है के रेलवे पुलिस को इसकी जानकारी नही है।यही लड़के मालगोदाम का माल भी पार कराते है।खड़े हुए ट्रकों की बैटरी तक ये चोर चोरी कर लेते है।पर रेलवे पुलिस इन चोरों को पकड़ने के लिये कोई अभियान नही चलाता और न ही रात की गश्त ही ठीक से होती है।

रिपोर्ट- सोनू सविता/मनोजकुमार

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