वॉशिंगटन डी सी में आयोजित सीआईआई- एसीओआरई बैठक में श्री पीयूष गोयल ने कहा, “अमरीका की स्वच्छ ऊर्जा और वित्तीय कंपनियों को भारत में उपलब्ध व्यापक अवसरों का लाभ उठाना चाहिए”

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भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा पर अमेरिकी परिषद (एसीओआरई) की भागीदारी में कल वॉशिंगटन डीसी में आयोजित नवीकरणीय ऊर्जा विकास और वित्तीय क्षेत्र की अमरीकी कंपनियों की उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय विद्युत, कोयला और नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), श्री पीयूष गोयल ने भारत में निवेशकों की चिंता और उनके सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने 2022 तक 175 गीगावॉट (जीड्ब्ल्यू) के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एनडीए सरकर के विजन के बारे में भी बताया।

श्री गोयल ने विशेष रूप से भारत में वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति से संबंधित चिंताओं के बारे में भी बताया और यह उल्लेख किया कि सरकार इस मुद्दे का दीर्घकालीन और स्थायी समाधान निकालने के प्रयास में जुटी है और इसे जल्दी ही लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने रुपये की स्थिरता के मुद्दे के बारे में कहा कि पिछले 25 वर्षों के दौरान रुपये का कभी भी 3.5 प्रतिशत सीएजीआर से अधिक अवमूल्यन नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अनेक ठप्प परियोजनाओं को मंजूरी दी जा रही है। बाधा डालने वाले कारकों को स्वीकार करते हुए उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और इस की घटक कंपनियों से इस प्रक्रिया में भागीदार बनने और नवाचारी समाधानों के साथ मदद करने के लिए आगे आने का अनुरोध किया ताकि वे भारत में उपलब्ध व्यापक अवसरों का लाभ उठाने से वंचित न रहें। अगले 10 वर्षों में भारत निश्चित तौर पर स्वच्छ ऊर्जा का सबसे बड़ा बाजार बनने वाला है।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के महानिदेशक श्री चन्द्रजीत बनर्जी ने स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एनडीए सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय उद्योग प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निर्धारित महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार के साथ भागीदार बनने और काम करने के लिए तैयार है। रिन्यू ए पावर वैंचर्स के अध्यक्ष और सीईओ श्री सुमन्त सिन्हा ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में 150 मिलियन डॉलर वित्त पोषण की जरूरत है। जिसमें से 100 मिलियन डॉलर ऋण होगा और 50 मिलियन डॉलर की इक्विटी होगी। अमेरिका भारत में इस क्षेत्र के लिए बड़ी भूमिका निभा सकता है।

इस बैठक में सन-एडिसन, बैंक ऑफ अमेरिका, फर्स्ट सोलर, क्रेडिट सुइस, एपेक्स क्लीन एनर्जी, सनपावर, ड्यूश बैंक आदि अमरीकी कंपनियों ने भाग लिया। डॉ. प्रीथा रेड्डी, अपोलो हास्पिटल्स; सुश्री किरण मजूमदार शाह, बायोकॉन; श्री शिव खेमका, सन ग्रुप; श्री राजन नवानी, जेटलाइन समूह; श्री प्रणव तांती, सुजलॉन; श्री राहुल मुंजाल, हीरो फ्यूचर एनर्जीज; श्री किशोर नायर, वेलस्पन एनर्जी सहित उच्च स्तरीय सीआईआई के सीईओ और शिष्टमंडल ने भी इस बैठक में भाग लिया।

यह बैठक अमेरिकी-भारत ऊर्जा वार्ता और अमेरिका-भारत रणनीतिक एवं वाणिज्यिक वार्ता से ठीक पहले आयोजित हुई है। इससे इस सप्ताह के अंत में प्रधानमंत्री की बहुप्रतीक्षित दूसरी अमेरिकी यात्रा से पहले द्विपक्षीय भागीदारी को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर सीआईआई और एसीओआर ने उद्योग विशेषज्ञों के मध्य संवाद की सुविधा के माध्यम, सहयोग को मजबूत बनाने के लिए मंच के विकास के साथ- साथ नीति सिफारिशों और बेहतर प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान के मंचों के विकास के द्वारा स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूती प्रदान करने में मदद के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

 

Source – PIB

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