गड्ढ़े में भारत को साक्षर करने के उद्देश्य से चल रही योजनायें

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प्रतीकात्मक

कछौना/हरदोई(ब्यूरो)- साक्षर भारत मिशन 2013 के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर निरक्षर लोगों को साक्षर करने के लिए भारत मिशन ने पहल की है जिसके अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर एक प्रेरक और एक प्रेरिका का चयन किया जाना है। जिससे निरक्षर लोगो को जीवन की मुख्य धाराओं से जोड़ा जा सके| यह योजना 2013 चल रही है लेकिन सरकार की अनदेखी के चलते सही ढंग से क्रियान्वयन नही हो पा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार 2011 की जनगणना के अनुसार अभी भी विकास खंड कछौना में 7200 लोग निरक्षर है, जो केंद्र बनाए गए है उनका शिक्षण कार्य का समय दिन में होने के कारण केंद्र पर रोजी रोटी के कारण नही पहुंच पाते है| इन केंद्रों पर निरक्षर लोगों का डेटा भी उप्लब्ध नही है। जिससे 18 तारीख को आयोजित केन्द्रों पर परीक्षा फर्जी तरीके से कराई जा रही है| पंजीकृत निरीक्षरों के सापेक्ष ज्यादा निरीक्षरों ने अपनी पीठ थपथपाने का कार्य किया है। वहीं इन केंद्रों पर मूलभूत सुविधायें स्टेशनरी, कुर्सी पेयजल व्यवस्था हेतु पानी की टंकी, बोर्ड आदि नदारद है| मानव संसाधन विकास मंत्रालय की महत्वपूर्ण योजना कागजों पर ही सिमट कर रह गयी है| जिससे निरीक्षण लोगों को साक्षर करके सशक्त करने की मनसा है। यह लोग अपने मौलिक अधिकारों को समझें। रविवार को विकास खंड कछौना के 38 केन्द्रों पर लगभग निरक्षर लोगों की परीक्षा सम्पन हुई|

वही ब्लाक समन्वयकों को लगभग 6 माह से प्रेरक व प्रेरिकाओ को 18 माह से मानदेय नही मिला है। ऐसे में सरकार की अनदेखी के चलते योजना को सही गतिशीलता नहीं मिल पा रही है। जिससे कर्मियों में अरुचि पैदा हो रही है। विकास खंड कछौना के प्रेरक संघ के अध्यक्ष स्नेह कुमार सिंह ने बताया कि हम लोगों को कई माह बाद वेतनमान मिलता है । वर्तमान समय मे 18 माह से मानदेय न मिलने के कारण निराश के भाव पैदा हो गए है। हम लोगों का अभी तक प्रशिक्षण नही कराया गया है। केन्द्रों का संचालन सांय 5 से 9 बजे तक किया जाए, जिससे मजदूर तबके के निरक्षर लोग आसानी से आ सके। केन्द्रों पर पंजीकृत 25 नीरक्षरों की संख्या है परन्तु परीक्षा 120 प्रतिभागियों से कराई जा रही, वहीं ग्राम शिक्षा समिति के चलते ग्राम प्रधान व प्रधानाध्यापक बिल पर हस्ताक्षर नही करतें हैं| काफी समस्याओं के चलते केंद्र ऐनरेन प्रकरण संचालित किए जा रहे है|

रिपोर्ट- बाल्मीकि वर्मा

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