प्रधानमंत्री श्री मोदी ने की शी.जिनपिंग से मुलकात, उठाया जकी-उर-रहमान लाखवी का मुद्दा

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The Prime Minister, Shri Narendra Modi meeting the President of the People’s Republic of China, Mr. Xi Jinping, in Ufa, Russia on July 08, 2015.
The Prime Minister, Shri Narendra Modi meeting the President of the People’s Republic of China, Mr. Xi Jinping, in Ufa, Russia on July 08, 2015.

ब्रिक्स सम्मलेन रूस – भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने रूस में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान चीनी सी. जिनपिंग से मुलाकात की हैं, दोनों नेताओं के बीच लगभग ढेढ़ घंटे से भी ज्यादा चलने वाली इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी ने चीन और भारत के संबंधों पर बात की और साथ सयुंक्त राष्ट्र संघ में चीन के प्रतिनिधि के द्वारा मुंबई आतंकवादी हमलों के सरगना जकी-उर-रहमान लख्वी को जेल से रिहा करने के मामले में पाकिस्तान के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के माध्यम से कार्रवाई करने के प्रस्ताव को चीन द्वारा ब्लॉक किए जाने की चिंता से चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग को  स्पष्ट रूप से अवगत कराया हैं और साथ ही भारत ने इस संबंध में चीन के द्वारा कहे गए कमजोर साक्ष्य  के सिद्धांत को भी खारिज कर दिया हैं। उसके बाद विदेश सचिव एस. जयशंकर ने कहा कि दोनों पक्षों को लगा हैं कि इस पूरे मामले पर आने वाले समय में अधिकारी स्तर पर चर्चा होनी चाहिए।

इसके बाद प्रधानमंत्री श्री मोदी ने चीन के द्वारा बनाये जा रहे लगभग 46 अरब डालर की लागत वाले आर्थिक गलियारे पर भी प्रश्न चिन्ह लगा दिया हैं, क्यों कि जिस जमीन का उपयोग चीन इस गलियारे के लिए कर रहा हैं वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आती हैं और यह भारत और पकिस्तान के मध्य वर्ष 1947(दोनों देशों की आजादी) के समय से ही विवादित मुद्दा हैं, भारत इसे अपनी जमीन कह रहा हैं I हालाँकि यह पूरा मामला अभी भी सयुंक्त राष्ट्र संघ की अदालत में विचाराधीन हैं I

आपको ज्ञात हो कि जब से देश की बागडोर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने संभाली हैं तब से लेकर इस मुलकात तक दोनों देशों के मुखियाओं ने पांच बार मुलाकात और वार्ता की हैं I विदेश सचिव एस.जयशंकर ने कहा कि श्री मोदी ने बहुत ही प्रभावित ढंग से देश के नागरिकों की भावनाओं को चीन के राष्ट्रपति के सामने रखी हैं और उन्होंने कहा कि चीनी पक्ष इससे प्रभावित भी रहा हैं I

आपको बता दें कि जिस मुंबई आतंकवादी हमलों के सरगना जकी-उर-रहमान लख्वी के खिलाफ कार्यवाही को लेकर पकिस्तान के खिलाफ भारत ने सयुंक्त राष्ट्र संघ में बात चीत की थी, जिसमें चीन ने भारत के विपक्ष में यह कहते हुए बात रखी थी कि भारत ने प्रचुर मात्रा में सबूत मुहैया नहीं करवाए हैं, उस लखवी को वर्ष 2008 में गिरफ्तार किया गया था और उसके ऊपर भारत के मुंबई में हमला करवाने की शाजिश रचने का आरोप हैं I भारत ने चीन के इस रवैये के बाद यह साफ़ कर दिया था कि चीन के इस निर्णय से भारत और चीन के द्विपक्षीय सबंधों पर असर पड़ेगा I

बैठक के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए विदेश सचिव ने कहा हैं कि दोनों देशो के बीच के संबंधो में नई उर्जा का संचार हुआ हैं और नया उत्साह देखने को मिला हैं I दोनों ही नेताओं ने सीमा पर शांति बनाये रखने के लिए और अधिक मीटिंग प्वाइंट बनाने का निर्णय भी लिया हैं I

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