स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से अपने भाषण में देश की आन्तरिक समस्याओं से लेकर देश के शत्रुओं तक पर बोले पीएम मोदी

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The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the Nation on the occasion of 70th Independence Day from the ramparts of Red Fort, in Delhi on August 15, 2016.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधि‍त किया. अपने करीब 100 मिनट लंबे भाषण में उन्होंने सुराज से लेकर गरीबी और युवाओं के रोजगार से लेकर बात की. उन्होंने माओवाद और आतंकवाद की चर्चा की और साथ ही पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को सधे हुए शब्दों में आतंवाद छोड़ने की नसीहत भी दी,

प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ इस अंदाज़ में देश के लोगों को स्वतंत्रता इवास की शुभकामनायें दी….

आजादी के इस पावन पर्व पर सवा सौ करोड़ देशवासियों को, विश्‍व में फैले हुए सभी भारतीयों को लाल किले की प्राचीर से बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

आजादी का यह पर्व, 70वां वर्ष एक नया संकल्‍प, नई उमंग, नई ऊर्जा, राष्‍ट्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्‍प पर्व है।

आज हम जो आजादी की सांस ले रहे हैं, उसके पीछे लक्ष्याव्धि महापुरुषों का बलिदान है, त्‍याग और तपस्‍या की गाथा है।

वेद से विवेकानंद तक, उपनिषद् से उपग्रह तक, सुदर्शन चक्रधारी मोहन से ले करके चरखाधारी मोहन तक, महाभारत के भीम से ले करके भीमराव तक, एक हमारी लम्‍बी इतिहास की यात्रा है, विरासत है।

भारत की उम्र 70 साल नहीं है, यह यात्रा 70 साल की है।

अब स्वराज्य को सुराज्य  में बदलना, ये सवा सौ करोड़ देशवासियों का संकल्प है।

पंचायत हो या Parliament हो, ग्राम प्रधान हो या प्रधानमंत्री हो, हर किसी को, हर लोकतान्त्रिक संस्था को सुराज्य  की ओर आगे बढ़ने के लिए अपनी जिम्मेदारियों को निभाना होगा, अपनी जिम्मेवारियों को परिपूर्ण करना होगा।

भारत के पास अगर लाखों समस्याएं हैं तो सवा सौ करोड़ मस्तिष्क भी हैं जो समस्याओं का समाधान करने का सामर्थ्य भी रखते हैं।

शासन संवेदनशील होना चाहिए, शासन उत्‍तरदायी होना चाहिए।

आज सरकार के बड़े अस्पतालों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होते हैं और पूरा मेडिकल रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध होता है।

आज एक मिनट में 15 हजार रेल टिकट मिलना संभव हो गया है।

शासन में सुराज के लिए पारदर्शिता पर बल देना उतना ही महत्‍वपूर्ण है।

पहले पासपोर्ट पाने के लिए अगर सिफारिश नहीं है तो चार-छह महीने यूं ही चले जाते थे। आज हफ्ते-दो हफ्ते में पासपोर्ट पहुंचा दिया जाता है।

सिर्फ 2015-16 में पौने दो करोड़ पासपोर्ट, इतने कम समय में देने का, हमने काम किया है।

Group ‘C’ और Group ‘D’ 9,000 पदों पर कोई इंटरव्‍यू प्रक्रिया नहीं होगी।

हमें अपने काम की रफ्तार को तेज करना होगा। गति को और आगे बढ़ाना होगा।

पहले एक दिन में 70-75 किलोमीटर का ग्रामीण सड़क का काम हुआ करता था, आज उस रफ्तार को तेज करके हम प्रतिदिन 100 किलोमीटर की और ले गए है।

Renewable Energy पर हमारा बल है।

wind energy में पिछले एक साल के भीतर-भीतर करीब-करीब 40 प्रतिशत हमने वृद्धि की।

एक साल में Transmission line करीब-करीब 50 हजार किलोमीटर. हमने पहुंचाया है।

Rail line commissioning दो साल में 3500 किलोमीटर का काम करने में हम सफल हुए है।

हमने 60 सप्ताह में चार करोड़ नए लोगों को रसोई गैस के connections दिए।

सामान्य व्यक्ति देश की अर्थव्यवस्था की मुख्य धारा का हिस्सा नहीं था। हमने 21 करोड़ लोगों को जनधन से जोड़कर असंभव को संभव किया।

हिन्दुस्तान के गांवों में दो करोड़ से ज्यादा शौचालय बन चुके हैं। 70 हजार से अधिक गांव आज खुले में शौच जाने की परम्परा से मुक्त हो चुके हैं।

उन 18 हजार गांवों में जहां बिजली नहीं पहुंची है 18 हजार गांवों में से दस हजार गांवों में आज बिजली पहुंच गई है।

साढ़े तीन सौ रुपये में बिकने वाला बल्‍ब, सरकारी intervention का परिणाम यह हुआ कि आज हम 50 रुपये में वो बल्‍ब बांट रहे हैं।

13 करोड़ एलईडी बल्‍ब बंट चुके हैं। 77 करोड़ बल्‍ब बांटने का संकल्‍प है। इससे 20 हजार मेगावाट बिजली बचेगी, मतलब करीब-करीब सवा लाख करोड़ रुपया बच जाएगा।

हमारे लगातार कदमों के कारण Inflation rate हमने 6 percent से ऊपर जाने नहीं दिया है।

महंगाई रोकने में हमने भरपूर कोशिश की है। गरीब की थाली को महंगी नहीं होने दूंगा।

हमने जमीन की सेहत पर ध्यान दिया। हमने स्वाइल हेल्थ कार्ड और जल प्रबंधन पर बल दिया है।

मैंने लोकलुभावन फैसलों से दूर रहने का प्रयास किया है। हमने सरकार की पहचान से ज्यादा हिंदुस्तान की पहचान पर बल दिया।

जब नीति साफ हो, नीयत स्पष्ट हो, तब निर्णय करने का जज्बा भी कुछ और होता है। हमारी सरकार लास्टमैन डिलीवरी पर बल दे रही है।

दाल के लिए हमने MSP तय किया है। दाल के लिए बोनस निकाला है और दाल purchase करने की व्‍यवस्‍था का सुप्रबंधन किया है।

हमने जल प्रबंधन, जल सींचन और जल संरक्षण पर बल दिया है। per drop-more crop, Micro-irrigation इसको हम बल दे रहे हैं। 90 से ज्‍यादा सिंचाई की योजनाएं आधी-अधूरी ठप्‍प पड़ी थीं, हमने बीड़ा उठाया है सबसे पहले उन योजनाओं को पूरा करेंगे।

77 हजार solar pump अब तक बांटे गए हैं।

हमारे देश के वैज्ञानिकों ने 131 से ज्‍यादा नए कृषि के योग्‍य बीज तैयार किए हैं।

हम खाद की कमी दूर करने और सबसे ज्‍यादा खाद उत्‍पादन करने में सफल हुए हैं।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना- पहली बार कम से कम प्रीमियम से अधिक से अधिक वो भी गारंटी के साथ फसल बीमा योजना देने का काम।

फसल के उत्‍पादन को 15 लाख टन अन्‍न के संरक्षण के लिए नए गोदामों का निर्माण। • Food processing में 100% Foreign Direct Investment को प्रोत्‍साहित किया गया है।

हम आइसोलेटेड डेवलपमेंट की जगह पर इंटरग्रेटेड डेवलपमेंट की ओर बल दे रहे हैं। हम एंटाइटलमेंट से छोड़कर के एम्पावरमेंट पर ध्‍यान दे रहे हैं।

साढ़े सात लाख करोड़ रुपए के करीब-करीब 118 प्रोजेक्ट, वो किसी न किसी सरकार ने प्रारंभ किए थे, लटके पड़े थे, पूरा करने की शुरुआत की।

योजनाओं का अटकाना, योजनाओं का बंद  होना, रुपयों की बर्बादी होना एक प्रकार से आपराधिक और अक्षम्य हैं और उससे हमने पार करने का प्रयास किया है।

रेलवे प्रोजेक्ट की मंजूरिया ज्‍यादा से ज्‍यादा छ: महीने में।

गन्‍ना किसान का हजारों करोड़ रुपयों का बकाया था, करीब-करीब 95% किसानों को गन्‍ने का दाम चुका दिया गया।

5 करोड़ गरीब परिवारों को गैस का चूल्‍हा तीन साल में पहुंचाने का बीड़ा। करीब-करीब 50 लाख परिवारों तक सिर्फ पिछले 100 दिन के अंदर।

post offices को payment bank में बदलने  की दिशा में कदम उठाया गया। एक साथ देश के गांवों तक बैंकों का जाल बिछेगा, जन-धन account का लाभ मिलेगा और सामान्‍य मानव के लिए MNREGA का पैसा भी अब आधार के द्वारा उसके खाते में जा रहा है।

एयर इंडिया को वित्तीय मुनाफे में लाने सफल हुए हैं। पहली बार BSNL को वित्तीय मुनाफे में लाने में हमें सफलता मिली है। आज शिपिंग कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया भी फायदे में आया है।

आधार व्यवस्था के तहत हमनें सारे बिचौलियों को बाहर किया।

Spectrum की नीलामी ऑनलाइन हुई, देश का खजाना भी भरा, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से देश का लाभ हुआ।

Foreign Direct Iinvestment के मामले में हमारा देश आज पंसदीदा देश बना।

विकास दर में देश की बड़ी-बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था को भी हमने वृद्धि दर की दुनिया में GDP में हमने पीछे छोड़ दिया है।

GST का जो कानून पास हुआ, वो भी उसमें एक ताकत देने वाला काम हुआ है।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ में हमने जो initiative लिए हैं, उसमें समाज के सहयोग की आवश्‍कया है।

मुद्रा योजना का लाभ साढ़े तीन करोड़ से ज्‍यादा परिवारों ने लिया। उसमें अधिकतम नये लोग थे जो बैंक के दरवाजें पर पहुंचे। उसमें भी 80% करीब-करीब SC, ST, OBC के थे और उसमें भी बैंक में, मुद्रा बैंक में लोन लेने वाली 80% महिलाएं हैं।

माताएं-बहनें प्रसूति के बाद छुट्टी 26 हफ्ते की कर दी है, ताकि मां अपने बच्‍चे का लालन- पालन कर सके।

हमने एक किसानों के लिए मंडी e-NAM की योजना की है। आज किसान अपना माल ऑनलाइन हिंदुस्तान की किसी भी मंडी में बेच सकता है।

भारतमाला हो, चाहे सेतू भारतम हो, चाहे Bharat Net हो ऐसे अनेक प्रकल्पों को हमने बल दिया है।

भारत को जोड़ने की दिशा में रामानुजाचार्य जी कहते थे भगवान के सभी भक्‍तों को, भेदभाव और ऊंच-नीच का ख्‍याल किए बिना सेवा करो। उम्र-जाति के कारणों की वजह से किसी का भी अनादर मत करो, हर किसी का सम्‍मान करो।

युवाओं की आशा-आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हमने अनेक कदम उठाये हैं ।

देश में सबसे ज्‍यादा सॉफ्टवेर निर्यात हो रहा है, देश में 50 से ज्‍यादा नई मोबाइल की फैक्ट्रियां लगी हैं, ये सारी बातें नौजवानों के लिए अवसर देती हैं।

‘One Rank-One Pension’. हर हिन्‍दुस्‍तान के फौजी के घर में खुशहाली पहुंचा दी।

नेताजी सुभाष बाबू की फाइलों को खोलने का निर्णय कर दिया।

रियल एस्टेट बिल लाकर के नकेल डाल दी है, ताकि मध्‍यम वर्ग का परिवार जो भी व्‍यक्‍ति अपना घर बनाना चाहता होगा, आज उसको कोई रुकावट नहीं आएगी।

विविधता में एकता, ये हमारी सबसे बड़ी ताकत है, एकता का मंत्र हमारी जड़ों से जुड़ा हुआ है।

हम सम्मान देना जानते हैं, हम सत्कार करना जानते हैं, हम समावेश करना जानते हैं इस महान परंपरा को लेकर के हम चले हैं और इसलिए हिंसा और अत्याचार का हमारे देश में कोई स्थान नहीं है।

ये देश हिंसा को कभी सहन नहीं करेगा, ये देश आतंकवाद को कभी सहन नहीं करेगा, ये देश आतंकवाद के सामने कभी झुकेगा नहीं, माओवाद के सामने कभी झुका नहीं।

गरीबी से लड़ेंगे तो हम तबाही से निकलकर के समृद्धि की ओर चल पड़ेंगे और इसलिए मैं सभी पड़ोसियों को गरीबी से लड़ने के लिए निमंत्रण देता हूं।

पिछले कुछ दिनों से बलूचिस्तान के लोगों ने,गिलगित के लोगों ने, पाक अधिकृत कश्मीर के लोगों ने, वहां के नागरिकों ने जिस प्रकार से मेरा आभार व्यक्त किया है, वो मेरे सवा सौ करोड़ देशवासियों का सम्मान है।

श्रद्धेय स्वतंत्रता सैनिक परिवारजनों को, जो उनको सम्मान राशि मिलती है, जो पेंशन मिलती है।

पेंशन में बीस प्रतिशत की वृद्धि करने का सरकार निर्णय कर रही है।

वीर आदिवासियों को याद करते हुए एक स्थायी रूप से Museum बनाने की दिशा में सरकार काम करेगी।

किसी गरीब परिवार को आरोग्‍य की सेवाओं का लाभ लेना है, तो वर्ष में एक लाख रुपये तक का खर्च भारत सरकार उठाएगी।

एक समाज, एक सपना, एक संकल्‍प, एक दिशा, एक मंजिल इस बात को ले करके हम आगे बढ़े।

रिपोर्टर – दीक्षा रावत

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