तुर्कमेनिस्‍तान में मीडिया के लिए प्रधानमंत्री का बयान

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की फ़ाइल फोटो
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की फ़ाइल फोटो

 

महामहिम श्री राष्‍ट्रपति,

मीडिया के सदस्‍यों,

तुर्कमेनिस्‍तान में आना बहुत खुशी की बात है। मुझे अशगावात में आकर बहुत खुशी हो रही है।

राष्‍ट्रपति महोदय, मुझे तुर्कमेनिस्‍तान में जो स्‍वागत मिला और यहां के आतिथ्‍यसत्‍कार के लिए मैं आप और यहां की जनता का आभारी हूं।

हमारे संबंध लंबे समय से हैं और यह सभ्‍यता और संस्‍कृति में रचे-बसे हैं। यहां आकर जाना-पहचाना अहसास होता है और हमारे लोगों के बीच जान-पहचान एवं नेकी की भावना रची-बसी दिखती है। यह हमारे दोनों देशों के बीच निकट संबंधों की बुनियाद है।

भारत इस संबंध को बहुत महत्‍व देता है। 125 करोड़ लोगों की आबादी के साथ तेजी से बढ़ती अर्थव्‍यवस्‍था वाले भारत और संसाधनों में समृद्ध तुर्कमेनिस्‍तान के बीच सहयोग की असीम संभावनाएं हैं।

भारत मध्‍य एशिया के साथ अपने रिश्‍ते प्रगाढ़ कर रहा है इसलिए तुर्कमेनिस्‍तान इसमें महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

शांत एवं स्थिर अफगानिस्‍तान और मध्‍य एशिया में हमारे साझा हित हैं। हमारे क्षेत्र में आतंकवाद और उग्रवाद को काबू करने के लिए भी हमारे साझा उद्देश्‍य हैं।
दक्षिण और मध्‍य एशिया को जोड़ने से हमारे क्षेत्र में और उससे भी परे नए आर्थिक अवसर खुलेंगे।

मैं इस विजन के बारे में बात करने और संबंध के प्रति ठोस समर्थन के लिए राष्‍ट्रपति महोदय का आभारी हूं।

हमारे संबंधों में सबसे अधिक महत्‍वपूर्ण तापी गैस पाइपलाइन है। यह  क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग का कायाकल्‍प कर सकती है और अपने मार्ग में समृद्धि ला सकती है। हम पाइपलाइन के लिए चार देशों के बीच समझौतों का स्‍वागत करते हैं। हम इस परियोजना के तेजी से कार्यान्‍वयन की जरूरत पर बल देते हैं।

मैं राष्‍ट्रपति से प्रस्‍ताव करता हूं कि हमें ईरान के जरिए जमीन और समुद्री मार्ग की अतिरिक्‍त संभावना सहित अनेक विकल्‍प तलाशने चाहिए।

हमने दोनों देशों के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में कनेक्टिविटी में भारत की रुचि के बारे में बहुत सकारात्‍मक चर्चा की है। अगर हम ईरान के मार्ग का उपयोग करें तो अशगाबात हमारे मध्‍य एशिया में पहुंचने के लिए पहली राजधानी होगी।

हम अशगाबात समझौते में भारत को शामिल करने के तुर्कमेनिस्‍तान के समर्थन के आभारी हैं।
कजाखस्‍तान – तुर्कमेनिस्‍तान-ईरान रेल लिंक के साथ भारत सहयोग के महत्‍वपूर्ण क्षेत्र के रूप में प्रशिक्षण और मानव संसाधन विकास का प्रस्‍ताव करता है। भारत अपने प्रशिक्षण स्‍कोलरशिप कार्यक्रम में वृद्धि करेगा। मैं अशगाबात में तुर्कमेनिस्‍तान भारत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थान को उन्‍नत बनाने का स्‍वागत करता हूं।

खेल और पर्यटन पर समझौतों से दोनों देशों के बीच संपर्क प्रगाढ़ होंगे।

आज बाद में, मुझे महात्‍मा गांधी की वक्ष प्रतिमाा का अनावरण करते हुए खुशी होगी। मुझे शांतिपूर्ण, समावेशी और न्‍यायप्रिय विशव के लिए साझा प्रतिबद्धता का स्‍मरण है।
मुझे उम्‍मीद है कि योग और पारंपरिक चिकित्‍सा केंद्र के शुभारंभ से लोगों को फायदा होगा। यह हमारे सांस्‍कृतिक रिश्‍तों का सम्‍मान है। इस अवसर पर पारंपरिक चिकित्‍सा पद्धति में सार्थक सहयोग की हमारी अति प्राचीन परंपरा को फिर से जीवित करने का अवसर मिला है। मैं प्रस्‍ताव करता हूं कि अशगाबात को अंतर्राष्‍ट्रीय साकल्‍यवादी हेल्‍थकेयर केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। मैं इसके लिए पूरे समर्थन का प्रस्‍ताव करता हूं।

रक्षा सहयोग समझौते से आतंकवाद पर लगाम कसने में सहयोग सहित हमारे निकट सुरक्षा सहयोग में साझा हितों का पता चलता है।

मैं 21 जून को अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस को दुनिया भर में बेहद सफल बनाने के लिए समर्थन देने पर तुर्कमेनिस्‍तान की राष्‍ट्रपति और जनता का आभारी हूं।

मैं तुर्कमेनिस्‍तान की स्‍थायी निष्‍पक्षता की 20वीं वर्षगांठ पर राष्‍ट्रपति को बधाई देता हूं। भारत तुर्कमेनिस्‍तान और व्‍यापक क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता के लिए इस नीति के योगदान का समझता है।
मैं फिर कहता हूं कि राष्‍ट्रपति जी यह बहुत छोटी मगर बेहद सार्थक यात्रा रही है। मुझे विश्‍वास है कि हमारा रिश्‍ता आने वाले वर्षों में और मजबूत होगा।

राष्‍ट्रपति जी, मुझे उम्‍मीद है कि आप जल्‍द भारत आएंगे।

धन्‍यवाद ।

source PIB

 

 

 

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