मोदी के कूटनीतिक दांव से दक्षिण एशिया में भारत और मजबूत, वियातनाम से अहम् रक्षा समझौते कर चीन को घेरा …

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modi in vietnam
प्रधानमंत्री मोदी आज वियतनाम की द्विपक्षीय यात्रा के लिए हनोई पहुँच चुके हैं, वियतनाम में प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया गया, पीएम मोदी पिछले १५ सालों में वियतनाम कि यात्रा करने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं |

मोदी शनिवार को वियतनाम के शीर्ष नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे, जिनमें वियतनामी कम्युनिस्ट पार्टी के गुएन फू त्रोंग, राष्ट्रपति त्रान दई क्वोंग, प्रधानमंत्री गुएन शुआन फुक तथा अध्यक्ष गुएन थी किम गान शामिल हैं. वियतमान और चीन के बीच दक्षिण चीन सागर को लेकर तनातनी चल रही है. मोदी ने कहा है कि आज भारत वियतनाम से रिश्तों को प्राथमिकता देता है |

मोदी ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, “राष्ट्रीय दिवस पर वियतनाम के लोगों को बधाई. वियतनाम हमारा मित्र देश है, जिसके साथ हमारे अच्छे संबंध हैं.” शुक्रवार शाम हनोई पहुंचने की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार वियतनाम के साथ द्विपक्षीय संबंधों को काफी महत्व देती है |

पीएम मोदी के वियतनाम दौरे को भारत की विदेशनीति के अहम् कदम के तौर पर देखा जा रहा है , ऐसा माना जा रहा है कि पीएम मोदी की वियतनाम यात्रा चीन को एक कूटनीतिक इशारा है | आपको बता दें कि दक्षिण चीन सागर पर संयुक्त राष्ट्र संघ के फैसला आने के बाद से चीन ने दक्षिण चीन सागर में अपनी गतिविधियाँ बढ़ा दी हैं | प्रधानमंत्री मोदी की वियतनाम यात्रा को चीन को घेरने की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है |

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वियतनाम रवाना होने से पहले शुक्रवार को दक्षिणपूर्व एशियाई देशों को ‘मित्रवत’ बताया और कहा कि इन देशों के साथ भारत के संबंधों से एशिया सहित पूरी दुनिया को फायदा होगा

प्रधानमंत्री मोदी के वियतनाम दौरे पर रक्षा, तेल क्षेत्र, स्वास्थ्य और स्पेस समेत 12 अहम मुद्दों पर समझौते हुए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट किया कि “वियतनाम के साथ एक नई शुरुआत। औपचारिक वार्ता से पहले दोनों प्रधानमंत्रियों की मुलाकात।”

नरेंद्र मोदी ने वियतनाम में अपने समकक्ष गुयेन शुयान फुक से वार्ता के बाद कहा कि हमारी सामरिक भागीदारी का उन्नयन करके इसे समग्र सामरिक साझीदारी में बदलने का हमारा निर्णय भविष्य में हमारे बीच सहयोग के मार्ग और इरादे को दर्शाता है। यह हमारे द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा, लय और मजबूती प्रदान करेगा।उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने पैदा हो रही क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए कार्रवाई में सहयोग की आवश्यकता पहचानी।

उन्होंने कहा यहाँ आना मेरे लिए सौभाग्य का अवसर है मै आप सभी को बनारस आने का निमंत्रण देता हूँ, महात्मा बुद्ध ने आप सभी को भारत से जपदे रखा है |

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