अक्षर आरसी मासांत काव्य गोष्टी सम्पन्न

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प्रतीकात्मक

केराकत(जौनपुर ब्यूरो)- ‘छोड़ो जाने दो वो जमाना लेकर क्या करोगे। दर्द, मजबूरी, आंसू बहाना लेकर क्या करोगे।’- डा. बहादुर अली खान| अक्षर आरसी साहित्यिक व सांस्कृतिक समिति केराकत के तत्वाधान में मासान्त काव्य गोष्टी स्थानीय नगर के नरहन मोहल्ले में तरुण नारायण शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। काव्य गोष्टी का शुभारम्भ डा. चंद्रमोहन निर्मल द्वारा प्रस्तुत माँ सरस्वती की वन्दना से किया गया। काव्य गोष्टी में अपनी रचना प्रस्तुत करते हुए डा. बहादुर अली खान ने कहा कि छोड़ो जाने दो वो जमाना लेकर क्या करोगे, दर्द मजबूरी, आसूं बहाना लेकर क्या करोगे।

काव्य गोष्टी को आगे बढ़ाते हुए कवि सम्पूर्णा नंद पाषाण ने अपनी कविता प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रेम की गंगा प्रवाहित हर हॄदय मैं आज हो, हर हृदय मे आज ये अरमान होना चाहिए। उक्त अवसर पर कवि नंदलाल समीर ने कहा कि बिगड़ी बात फिर कही और न विगण जाय, दिल पर जुबा पर सदा मिठास रहने दो। दूर कितना भी जाओ मुझसे मगर, महक अपनी मेरे आस पास रहने दो। काव्य गोष्टी में कवि पवन जी बयंगात्मक रचना सुनाते हुए कहा कि गइल परधानी अब का होइ पार्टी आ पन हार गइल बा, पैसा के मोहताज भइल वा मैडम ओकर परधान भईल वा। हास्य कवि नन्दलाल राढ़ी ने कविता पढते हुए कहा कि नेता कुछ भी होवै न देले, मच्छर ससुरा सोवै न देने। इसके अलावा काव्य गोष्टी में कवि चद्र भान सावन, सुबेदार पांडेय, शारदा प्रसाद बादल, श्रीपति सिंह गौतम, हरिश्चन्द्र जी, डॉ. के. एल. सोनकर, आदि लोगों ने काव्य पाठ किया। काव्य गोष्टी का सफल संचालन डॉ. बहादुर अली खान ने किया।

रिपोर्ट- डॉ. अमित कुमार पाण्डेय
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