करोडों की डकैती के अभियुक्तों को स्थानीय पुलिस ने किया गिरफ्तार

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रायबरेली। लखनऊ के चौक कोतवाली के तहत हुई चालीस किलो सोना व 13.5 करोड रूपये की डकैती के मामले मे लालगंज पुलिस को भारी सफलता हासिल हुई है, लेकिन पुलिस मामले मे लीपा पोती करने मे जुटी हुई है।वहीं यह भी चर्चा है कि पुलिस सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के बाद ही खुलासा करेगी।

रविवार की रात असलहाधारी बदमासो के द्वारा चौक कोतवाली लखनऊ के मुकुन्द ज्वेलर्स के यहां धावा बोलकर जहां करोडों की लूट पाट की घटना को अन्जाम दिया था।वहीं सर्राफा व्यवसायी प्रवीण रस्तोगी, जितांस को गोली मारकर घायल भी कर दिया था।मामले की घटना सर्राफा व्यवपारी के द्वारा चौक कोतवाली मे अज्ञात बदमासों के खिलाफ दर्ज करायी गयी है।मामले की जांच एसटीएफ कर रही है।उसी डकैती व लूट काण्ड मे कोतवाल धनंजय सिंह की टीम ने कोतवाली क्षेत्र के महरानीपुर मजरे देवगांव, उमरामऊ व पूरे तिवारी मजरे ऐहार से आधा दर्जन लोगों को हिरासत मे लिया है। कोतवाली पुलिस सभी पकडे गये आरोपियों से पूछताछ करने मे जुटी हुयी है। बताते है कि महरानीपुर के राजबहादुर उर्फ सेरा पुत्र बिहारी के घर से एक किलो सोना व हजारों रूपये नगदी भी बरामद हुआ है।राज बहादुर डकैती काण्ड मे शामिल बताया जाता है। ग्रामीणों के अनुसार महरानीपुर के राजबहादुर,बसंतापुर के गंगा,पवन व बिहारी समेत पूरे तिवारी के दयाराम पुत्र रामकिसुन व उमरामऊ के हर बिलास बीती रात से गायब बताये जाते है। चर्चा है कि या तो इन लोगों को पुलिस ने पकडा है या डर के मारे फरार हो गये है। वहीं कोतवाली पुलिस भी चुप्पी साधे हुये है। मामला लखनऊ का होने के चलते बिना उच्च अधिकारियों के स्पष्ट आदेश के लालगंज पुलिस मुंह खोलने को तैयार नही है, पकडे गये लोगों मे से दो शातिर लुटेरे बताये जाते है। जिसमें एक के ऊपर तो हत्या का भी मुकदमा पूर्व मे कोतवाली लालगंज मे दर्ज है तथा जेल की हवा भी खा चुका है। डकैती काण्ड के अभियुक्तों पर पचास हजार का इनाम भी उत्तर प्रदेश पुलिस के द्वारा घोषित किया गया है।
strong>रिपोर्ट – राजेश यादव

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