अहिंसात्मक लड़ाई लड़ रहे किसानों के ऊपर गोली चलाना निंदनीय 

बलिया ब्यूरो : मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसानों के ऊपर गोली-बारी और इस घटना में पांच किसानों की मौत की लोक स्वातन्त्र्य संगठन पीयूसीएल की जिला इकाई ने तीखी निंदा की है। संगठन ने कहा है कि अपने हक के लिए अहिंसात्मक लड़ाई लड़ रहे किसानों के ऊपर गोली चलाकर उन्हें मार डालना।

सरकार को आजाद हिन्दुस्तान का जनरल डायर मूवमेंट है। इस घटना को लेकर सरकार के जिम्मेदारों की बयानबाजी सरकार के चेहरे को बेनकाब करने वाली है। देश में गोली खाता किसान, सीमा पर सर कटाता जवान और खाली बैठा व्यापारी, मजदूर और नौजवान मोदी सरकार के आभूषण बनते जा रहे है। मंदसौर में किसान सरकार से चुनाव में किये गये वादों को पूरा करने की मांग कर रहे थे। किसान कह रहे थे कि वादे के अनुसार उनके उत्पादन लागत का लागत से 50 प्रतिशत अधिक सरकारी समर्थन मूल्य जारी किया जाये और इस समर्थित मूल्य पर उनके उत्पाद खरीदे जाये। सरकार ने जवाब में गोलिया चलवायी और पांच किसानों की हत्या करवा दी। संगठन ने कहा है कि घटना की न्यायिक जांच कराने और घटना के जिम्मेदार अधिकारियों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जाये।

बैठक में डा.अखिलेश सिनहा, रणजीत सिंह, अरूण सिंह, असगर अली, डा.हरिमोहन, अमरनाथ यादव, बब्लू सिंह, प्रदीप सिंह, ज्योति स्वरूप पाण्डेय, गोपालजी, शैलेश धुसिया, सुरेन्द्र नाथ सिंह, पंकज राय आदि उपस्थित रहे।

किसानों पर की गई पुलिस फायरिंग निंदनीय
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी की क्षेत्रीय कमेटी बलिया सदर के सचिव कामरेड परमात्मानंद राय ने विगत मंगलवार को मध्यप्रदेश के मंदसौर जिला के पिपल्यामंडी में आंदोलनरत किसानों पर की गयी पुलिस फायरिंग की पार्टी की ओर से निंदा किया है, जिससे छः किसानों की मृत्यु हो गयी और घायल हुए जो अस्पताल में जीवन-मृत्यु का संघर्ष झेल रहे है।

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