तीन माह बाद कोतवाली पुलिस को लिखना पड़ा दलित बालिका को बहला फुसलाकर भगा ले जाने का अभियोग

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पुरवा (उन्नाव) : तीन माह पूर्व नाबालिग दलित किशोरी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने का मामला उच्च अधिकारियो की चैखट पर पहुंचा तीन माह बाद कोतवाली पुलिस को लिखना पड़ा दलित बालिका को बहला फुसलाकर भगा ले जाने का अभियोग।

प्राप्त विवरण के अनुसार मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव सकरन मजरे बिछिया का है जहां पीड़िता अनीता पत्नी विमलेष दोनो ही परिवर्तित नाम जाति अनुसूचित जाति ने बताया कि मेरी पुत्री कुमारी काजल बदला हुआ नाम उम्र 15 वर्ष जो जूनियर हाईस्कूल बिछिया मे कक्षा 6 की छात्रा थी। घटना दिनांक 14 दिसम्बर 2016 को मै खेतो पर जानवरो को चारा लेने गयी थी घर पर छोटे-छोटे बच्चे थे जब मे लगभग तीन बजे घर आयी तो घर पर पुत्री कु0 काजल परिवर्तित नाम नही मिली घर के छोटे बच्चे रोते हुए मिले मुझे शंका है कि पड़ोस मे रहने वाला श्रीपाल पुत्र पुत्ती लोध बहला फुसलाकर भगा ले गया मै अपनी पुत्री को तमाम जगह तलाश किया पर कही पता नही चला पीड़िता के शिकायती पत्र पर कोतवाली पुलिस ने 363, 366 का अभियोग पंजीकृत कर जांच मे जुट गयी है।

रिपोर्ट – मोहम्मद अहमद

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