भौंरी की घटना ने खोली पुलिस सतर्कता की पोल

0
38

बहराइच (ब्यूरो) बुधवार को बौंडी थाना क्षेत्र के भौरी गांव के पास घाघरा नदी के कछार में बालू में दबे पाए गए बालक के शव के बाद हुए बवाल में पुलिस की शिथिलता जगजाहिर हो चुकी है। अगर समय से पुलिस घटनास्थल पर पहुंच जाती तो आगजनी व तोड़फोड़ की घटना न होती। सूचना के ढाई घंटे बाद पुलिस पहुंची और मूकदर्शक की भूमिका निभाती रही। यह तो कहिए संयोग था कि कोई और बड़ी घटना नहीं हुई।

मृतक 10 वर्षीय करन के परिवारीजनों का आरोप है कि उसकी पट्टे की जमीन में जबरन खनन कराने वालों ने बालक की हत्या कर शव को दफना दिया है। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। सूचना पुलिस को दी गई। सूचना के ढाई घंटे बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने खनन कराने वालों की झोपड़ी में आग लगा कर वाहनों में तोड़ फोड़ की। शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करने के साथ ग्रामीण खनन बंद कराने की मांग पर अड़े रहे। कई घंटों बाद मौके पर पहुंचे प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज करने की बात कह कर ग्रामीणों को शांत कराया। तकरीबन पांच घंटे बाद एडीएम संतोष राय व एएसपी शहर कमलेश दीक्षित पहुंचे। डीएम अजयदीप ¨सह व एसपी सुनील सक्सेना भी घटनास्थल पर देर शाम पहुंचे। एक बालक का शव बरामद होने व दूसरे के लापता होने को लेकर जहां सैकड़ों ग्रामीण उग्र प्रदर्शन कर रहे थे वहीं पुलिस की सतर्कता ने कानून व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। बताया तो यहां तक जाता है कि बौंडी थाने में तैनात एक एसआई उग्र भीड़ को उकसाते देखे गए।

भाजपा विधायक सुभाष बोले
पयागपुर भाजपा विधायक सुभाष त्रिपाठी ने कहा कि एफआईआर में जो भी नाम लाया गया वह साजिश और राजनीति से प्रेरित है। इस मामले में अवैध खनन माफियाओं की साजिश है। यदि कोई हत्या का आरोप उनके बेटे और एफआईआर में लाए गए लोगों पर सिद्ध कर देगा तो राजनीति से सन्यास ले लूंगा।

रिपोर्ट – राकेश मौर्य

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY