महिलाओं से जुड़े गम्भीर अपराधों में अब आरोपियों पर कड़ा शिकंजा कसने की कवायद में जुटा पुलिस महकमा

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लालगंज/प्रतापगढ़(ब्यूरो)। यूपी की योगी सरकार महिलाओं से जुड़े गम्भीर वारदातों में अब आरोपियों पर और कड़ा शिकंजा कसने की कवायद में आ गई है। शासन के फरमान पर यूपी का पुलिस महकमा इधर महिलाओं के साथ घट रही आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई को कड़े स्वरूप में लाकर महिला सुरक्षा को मजबूती देने का नए सिरे से तानाबाना बुन रही है। इसके तहत पुलिस महकमे ने थानों में दर्ज दुष्कर्म तथा छेड़छाड़ के अपराध की रोकथाम के लिए ऐसे उनसभी दुष्कर्म तथा छेड़छाड़ के मुकदमों में जिनमें आरोपी के खिलाफ थाना पुलिस द्वारा न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं, इन मुकदमों के आरोपियों पर अब गुंडा एक्ट से लेकर गैंगेस्टर तक के मुकदमे भी अलग से लदेंगें। पुलिस प्रशासन का मानना है कि महिलाओं के साथ छेड़छाड़ या फिर दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदातें आरोपियों के खुद गुंडागर्दी किए जाने का साफ सिंबल है। यही नही महिलाओं के साथ होने वाली इन आपराधिक घटनाओं में यदि कोई आरोपी अन्य किसी और आपराधिक मुकदमों की फेहरिस्त में शामिल है और ऐसे आरोपी जो अन्य अपराधियों के साथ मिलकर इन संवेदनशील वारदातों को अंजाम देते आ रहे हैं, इनके खिलाफ गैंग चार्ट तैयार कर गैंगेस्टर एक्ट का भी हंटर गिरेगा।

शासन के फरमान पर इन दिनों पुलिस क्षेत्रवार ऐसे आरोपियों के मौजूदा चाल चलन और उनकी गतिविधियों का खूफिया रिकार्ड तैयार कर रही है। पुलिस थानों से ऐसे आरोपियों की आपराधिक गतिविधियों को खंगालकर इन्हे सूची बद्ध कर जिला पुलिस प्रशासन को भेजे जाने की भी कवायद है। इसके तहत इन खुंखार अपराधियों के खिलाफ एसपी तथा डीएम के स्तर पर समीक्षा के बाद गुंडाएक्ट और गैंगेस्टर जैसी कार्यवाहियों को अंतिम रूप दिया जाना है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस प्रशासन महिलाओं के साथ आपराधिक घटनाओं को अत्यन्त संवेदनशील और गम्भीर अपराध की श्रेणी के मानक में रखकर इन अपराधों की नकेल कसने के लिए हर बड़ी कार्रवाई को अमली जामा पहनाए जाने के प्रति इधर खासा सचेत हुआ है। खासकर सूबे में योगी सरकार ने पुलिस एवं प्रशासन को महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता पर अपने एजेंडें में शामिल करने का कड़ा फरमान देकर इन अपराधों को नियंत्रित कर जीरो टायलेंस का लक्ष्य भेदन का मंत्र दे रखा है। यूपी पुलिस के मुख्यालय से जिलों में पहुंचे हालिया इस फरमान से थानों तथा जिला मुख्यालयों में पुलिस प्रशासन महिलाओं से जुड़े अपराधों की विशेष छटनी की मुहीम में लग गया है। पुलिस के तेवर तो अभी यही बताते हैं कि महिलाओं से जुड़े गम्भीर आपराधिक वारदातों को लेकर आरोपियों पर हर कीमत पर वह शिकंजा कसने के लिए मुस्तैद दिखेगी।

एएसपी पश्चिमी बसंत लाल ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा प्रशासन के लिए अत्यन्त संवेदनशील एजेंडा है। ऐसे में दुष्कर्म तथा छेड़छाड की घटनाओं की रोकथाम के लिए ऐसे मुकदमों के आरोपियांे की थाना वार सूची तलब की गई है। इन आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट के साथ जरूरी होने पर गैंगेस्टर तक का मुकदमा कायम किया जायेगा।

रिपोर्ट – चन्द्र शेखर तिवारी

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