योगी राज में खुद पिट रही है पुलिस, कैसे होगी सुरक्षा

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लखनऊ : चार दिन की चांदनी और फिर ‘अंधेरी रात’ यह कहावत उत्तर प्रदेश की मौजूदा क़ानून व्यवस्था को लेकर सटीक बैठ रही है, प्रदेश में निजाम बदलते ही जिस तरह से कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने की कोशिश शुरू हुई थी, अब वह पुराने ढर्रे पर लौटती दिख रही है | मंगलवार को सहारनपुर में भड़की हिंसा में उपद्रवियों ने पुलिस वालों को दौड़ा-दौड़कर पीटा | इसी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, राजधानी लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अपराधों की झड़ी लग गई है |

आलम यह है कि सरेआम पुलिस और पुलिस अधिकारी पीटे जा रहे हैं, अखिलेश सरकार में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली योगी सरकार भी हिंसा और अपराधों को रोकने में नाकाम साबित हो रही है, सहारनपुर में पिछले 20 दिनों में तीन बार भड़की हिंसा, चित्रकूट में पांच लोगों की हत्या, लखनऊ और वाराणसी में डकैती और डबल मर्डर यही इशारा कर रहे हैं कि बदमाशों और उपद्रवियों में पुलिस का कोई खौफ नहीं है | मंगलवार को सहारनपुर में एक बार फिर भड़की हिंसा में उपद्रवियों ने जमकर आगजनी, पथराव और फायरिंग की | इतना ही नहीं भीड़ ने पुलिस वालों को दौड़ा-दौड़कर पीटा, इसमें एक सीओ और ट्रेनी आईपीएस अधिकारी समेत आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए, सहारनपुर में भीड़ द्वारा पुलिस की पिटाई का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें भीड़ पुलिस वाले को जमकर धुनाई कर रही है, वहीं उसके अन्य साथी उसे बचाने की जगह वहां से भागकर अपनी जान बचा रहे हैं, सवाल यही है कि जिस राज्य में पुलिस वाले पीट रहे हों उस राज्य में आम जनता का इकबाल पुलिस पर कैसे बुलंद होगा |

रिपोर्ट – मिंटू शर्मा

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